बांदा। रक्षाबंधन पर गुरुवार को दूसरे दिन भी रोडवेज बसों में बहनों का सफर मुफ्त रहा। शाम तक 13 हजार से अधिक महिलाओं ने सफर किया। सर्वाधिक भीड़ महोबा की रही। यहां पर रक्षाबंधन के दूसरे दिन विशाल कजली मेला लगता है। जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग गए। बसों भीड़ अधिक होने से महिलाओंं को खड़े होकर सफर करना पड़ा।
परिवहन निगम की बुधवार को लंबी दूरी की बसें कम होने पर खासी किरकिरी हुई थी। गुरुवार को अधिकारियों ने दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज के लिए 41 बसें भेजी। उधर, महोबा के यात्रियों की संख्या अधिक होने से 10 अतिरिक्त बसें लगाई गई। एआरएम लक्ष्मण सिंह ने बताया कि शाम तक रोडवेज बसों में 13 हजार से अधिक महिलाओं ने फ्री सफर किया। रात 12 बजे से तक इनकी संख्या 20 हजार तक पहुंच जाएगी।
बताया कि दिल्ली के लिए सुबह से शाम तक छह बसे भेजी गई है। इसी प्रकार लखनऊ , प्रयागराज, कानपुर के लिए 30 बसें भेजी गई। फतेहपुर के लिए दो बसें भेजी गई। इसके अलावा अन्य डिपों की भी बसें फर्राटा भरती रही। रक्षाबंधन पर सवारियों की संख्या दोगुनी हो गई है। ऐसे में बसों की किल्लत स्वाभाविक है। लेकिन बसें प्रत्येक मार्ग पर चल रही है।
नरैनी। कस्बा सहित कालिंजर, पन्ना, अजयगढ़, फतेहगंज के लिए बस न होने से महिला यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बस न मिलने से मजबूरन महिलाओं ने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया।
बांदा से कालिंजर, सतना, फतेहगंज, बघेलाबारी के लिए पूर्व में चार, बांदा से पन्ना, अजयगढ़ के लिए पांच, कालिंजर के लिए चार बसें चलती थी। जो पिछले कई सालों से बंद चल रही है। पन्ना, अजयगढ़ व कालिंजर के लिए तीन बसें ही चल रही है। कालिंजर के कजली मेले को भी देखते हुए भी बसों की संख्या नहीं बढ़ाई गई।
