खप्टिहा कलां। गुरगवां गांव में रक्षाबंधन की खुशियों पर छाया मातम दूसरे दिन भी रहा। गलियों में सन्नाटा था। किसी के चेहरे पर त्योहार की खुशी नहीं थी, सभी हादसे के गम में डूबे थे। दुखी परिजनों के घर पर तो खाना ही नहीं बना, गांव के पड़ोसी खाना लेकर पहुंचे भी तो किसी ने उसे हलक से नहीं उतारा। प्रशासन ने घटना के चलते गांव में पुलिस को तैनात कर दिया, जो नदी और आसपास निगरानी करती रही।
पैलानी थाना क्षेत्र के गुरगवां गांव मे बुधवार को कजलिया विसर्जन के दौरान नदी में पैर फिसल जाने की वजह से एक युवती समेत पांच की केन नदी में डूबने से मौत हो गई थी। सुबह हुए हादसे के फौरन बाद युवती राखी, सूर्यांश, विजयलक्ष्मी, पुष्पेंद्र को तो नदी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उनकी अस्पताल पहुंचने तक मौत हो गई। पांचवे बच्चे विवेक उर्फ तन्नू का भी कुछ देर बाद शव मिल गया था।
आज यहां राखी का पर्व भी खामोशी से बीता। हर आंखों में आंसू और चेहरों पर उदासी थी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी भी मातम पसरे गांव में दुखी परिवारों को ढांढस बंधाते रहे। दूसरे दिन अहतियातन पुलिस फोर्स तैनात की गई। पैलानी थाने की पुलिस नदी व गांव में दुखी परिवारों के घरों के आसपास तैनात रही।
-हादसे के बाद गुरुवार को नदी को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। एसडीएम पैलानी शशि भूषण मिश्र व सीओ सदर अंबुजा त्रिवेदी ने बताया कि गांव फोर्स तैनात है। जागरूक करते हुए ग्रामीणों से कहा गया है कि वे नदी किनारे न जाएं। खासकर बच्चों को नदी के पास जाने से भी रोकें।
घटना में मृत राखी अपने तीन भाइयों में अकेली थी। उसकी खरीदी गईं राखी देख भाई बहादुर, कमलेश और अखिलेश के आंसू नहीं थम रहे थे। वहीं दिव्यांशी और प्रियांशी अपने इकलौते भाई सूर्यांश को याद कर बिलख पड़ती। सूर्यांश के लिए दोनों ने सुंदर राखी भी खरीदी थी। पांच बहनों में विजयलक्ष्मी दूसरे नंबर की बहन थी। उसे याद कर उसकी बड़ी बहन पार्वती औद छोटी शारदा, नीतू, छोटी का रो-रोकर बुरा हाल है। यही हाल पुष्पेंद्र की इकलौती बहन शिवानी और विवेक उर्फ तनु के भाई राजेंद्र व बहन पिंकी व शालिनी का है। बच्चों को इस तरह बिलखता देख बड़े भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे।
