चित्रकूट। पाकिस्तान से आए दो हिंंदू परिवार के 15 सदस्यों को वापस दिल्ली भेज दिया गया है। देर शाम को सभी को पुलिस सुरक्षा में संपर्क क्रांति ट्रेन से दिल्ली रवाना कर दिया गया। चार अगस्त को चित्रकूट पहुंचे इन परिवार के सदस्यों से एलआईयू व एसआईयू की टीमों ने 15 दिनों तक पूछताछ की। उच्चायुक्त की रिपोर्ट आने के बाद इन परिवार के रिश्तेदार की मौजूदगी में 28 दिन बाद यहां से रवाना कर दिया गया।
पाकिस्तान से आए दो हिंदू परिवार 28 दिनों तक चित्रकूट के संग्रामपुर स्थित पंचायत भवन में डेरा जमाए थे। चित्रकूट पुलिस ने इनकी जांच करने के बाद उच्च स्तरीय अधिकारियों को सूचना दी थी।
इसमें एलआईयू व एसआईयू के दिल्ली व लखनऊ कार्यालय से रिपोर्ट आने के बाद इनकी वापसी कराई गई। दिनभर पुलिस टीम ने मौके पर जाकर औपचारिकता पूरी की। सभी सदस्यों के नाम व हस्ताक्षर कराकर उनका वीडियो बनाया गया।
एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी थी। शुक्रवार को लखनऊ व दिल्ली कार्यालय से जांच के बाद पत्र आ गया है। इस परिवार के कुछ रिश्तेदार दिल्ली में रहते हैं। दो पुलिसकर्मियों के साथ सभी को दिल्ली भेज दिया गया है।
चित्रकूट। बीती चार अगस्त को चित्रकूट के संग्रामपुर निवासी कमलेश पटेल की ओर से दिल्ली से दो पाकिस्तानी हिंदू परिवार के 15 सदस्यों को चित्रकूट में बसाने के उद्देश्य से लाया गया था। इसकी जानकारी होते ही एलआईयू व एसआईयू की टीम ने जांच की थी। पुलिस ने इस परिवार को संग्रामपुर के पंचायत भवन में ठहराया था। 28 दिनों तक इस परिवार के भोजन आदि का इंतजाम पुलिस सुरक्षा में संग्रामपुर में ही किया गया।
चित्रकूट। पाकिस्तान के खैरपुर निवासी राकेश, संतोष, रवीना, कविता, पूनम, तरूण, मंगलमल के चेहरे में कुछ संतोष तो कुछ निराशा दिखी। शुक्रवार की शाम को जब उनके रिश्तेदार दिल्ली से आए तो सभी बेहद खुश हुए। जब पता चला कि सभी को दिल्ली जाना पडेगा तो उनके चेहरे में निराशा दिखी।
सभी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह इसी क्षेत्र में रहकर कुछ काम मजदूरी करेंगे। पाकिस्तान जाने के लिए कतई तैयार नहीं हैं। बातचीत में कहा कि वीजा की अवधि बढ़वाकर वे भारत में ही रहने क प्रयास करेंगे।
