संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 01 Sep 2023 11:37 PM IST
चित्रकूट। प्रमोदवन के तुलसी प्रज्ञा चक्षु दिव्यांग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कामतन में 10 दिनों से छात्र व शिक्षकों का आंदोलन चल रहा है। रिटायर्ड प्रधानाचार्य के कार्यकाल को बढ़ाने व स्कूल को सरकारी किए जाने की मांग की जा रही है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने छात्रों को बरगलाकर इस आंदोलन में शामिल कर विद्यालय च प्रबंधन की छवि खराब करने का आरोप लगाया है।
चित्रकूट के मप्र क्षेत्र के प्रमोदवन में कई साल से संचालित तुलसी प्रज्ञा चक्षु दिव्यांग विद्यालय के शिक्षक व छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। आंदोलन में शामिल शिक्षकों व छात्रों ने कहा कि इस विद्यालय को पहले सरकारी विद्यालय कराने की बात कही गई थी। जिसे पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा रिटायर्ड प्रधानाचार्य का कार्यकाल बढ़ाया जाए।
पूरे मामले में आचार्य रामचंद्र दास ने कहा कि प्रधानाचार्य की सेवाएं मार्च 2023 में पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में अब उन्हें कैसे इस पद पर बहाल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय की स्थापना जगदगुरु रामभद्राचार्य ने की है। इसका संचालन श्री तुलसी पीठ सेवा न्यास चित्रकूट से होता है। इस न्यास के अध्यक्ष जगद्गुरु हैं।
साल 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के दौरान जगदगुरु ने इस विद्यालय को सरकारी करने का आग्रह किया था। उनके इस आग्रह के बाद सरकार ने अक्टूबर 2017 में ही कैबिनेट मीटिंग में विद्यालय का संचालन महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट को सुपुर्द करने का निर्णय लिया था। तब अपरिहार्य कारणों से जगतगुरु ने इससे इंकार कर फैसला तुरंत वापस कर लिया। अब यह सब उनकी छवि खराब करने के लिए कुछ तथाकथित लोग यह षड़यंत्र कर रहे हैं।
