तिंदवारी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के किनारे भूमिगत 33 केवी लाइन रविवार को फिर बर्स्ट हो गई। सातवीं बार केबल जलने से एक बार फिर तिंदवारी कस्बा सहित 18 गांवों की बिजली गुल हो गई। आनन फानन में लखनऊ को सूचित किया गया और फिर वहां से एक्सपर्ट टीम मौके पर पहुंची और हाईटेंशन लाइन को दुरुस्त कराया गया।
महोखर गांव के पास बांदा से तिंदवारी सब-स्टेशन को आने वाली भूमिगत 33 केवी केबल ज्वाइंट में आए दिन खराबी आती है। अभी हाल ही में शुक्रवार को भी भूमिगत केबल जल गई थी, जिससे सब-स्टेशन से जुड़े तिंदवारी कस्बा समेत तेरहीमाफी, गरौती, पिपरगवां, भुजौली, गोधनी, मूंगुस, सेमरी, गोखरही, महुई, परसौडा, मिरगहनी, गजनी, भिडौरा, छापर, माटा, जसईपुर, सिंहपुर, धौसड आदि में आपूर्ति ठप होने से बिजली का संकट गहरा गया था। पेट्रोलिंग के बाद बर्स्ट केबल का पता लगाया गया और 14 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी थी। उसके बाद फिर रविवार को बिजली की केबल जल गई।
इससे बिजली की समस्या फिर गहरा गई। बिजली नहीं आने से ग्रामीणों और कस्बे के लोगों में रोष पनप गया। बिजली दफ्तर फोन घन घनाए तो खलबली मच गई। फौरन इसकी समस्या लखनऊ भेजी गई। वहां से रविवार को आई तीन इंजीनियरों की टीम ने केबल को ठीक करने का काम किया। शाम साढ़े चार बजे आपूर्ति शुरु हो सकी। इससे पहले पिछले साल 4 जून, 23 जून, 21 जुलाई, 10 सितंबर, 17 सितंबर को भी केबल बर्स्ट हो चुकी है।
एसडीओ शोएब जमाल ने बताया कि केबल फिर ठीक कर दी गई है। आपूर्ति बहाल हुई है। अभी अस्थाई रूप से ही भूमिगत लाइन को ठीक किया जा सका है।
