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बांदा। एसपी अंकुर अग्रवाल ने नरैनी कोतवाली में तैनात दो दीवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पर यह आरोप था कि जिला अस्पताल की ओर से दो बार नरैनी कोतवाली को मेमो भेजने के बाद भी नरैनी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया था। इससे शव 12 दिन तक मोर्चरी में खराब हो रहे थे।

नरैनी में एक युवक सड़क किनारे पड़ा मिला था। जिला अस्पताल में उसने 19 अगस्त को खून की कमी के चलते दम तोड़ दिया था। लाश बिना फ्रीजर के पंचायत नामा भरने के लिए रखी रही। जिला अस्पताल से दो बार पंचायत नामा के लिए मेमो नरैनी कोतवाली भेजा था। लेकिन पुलिस ने चुस्ती नहीं दिखाई।

आखिरकार 31 अगस्त को सिपाही पंचनामा भरने मोर्चरी पहुंचे थे। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एसपी अंकुर अग्रवाल ने शनिवार की देर शाम नरैनी कोतवाली में तैनात दो मुख्य आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ सदर अंबुजा त्रिवेदी को सौंपी है। एसपी अंकुर अग्रवाल ने पुलिस मीडिया सेल में यह जानकारी शेयर की है।

बांदा। जिला अस्पताल की मोर्चरी में वर्ष 2019 से डीप फ्रीजर नहीं है। वर्ष 2019 से पहले यहां दो डीप फ्रीजर लगे थे। दोनों ही खराब हो गए। वर्ष 2019 और वर्ष 2021 में जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से शासन को पत्राचार किया गया था। लेकिन शासन द्वारा फ्रीजर नहीं भेजे गए। इसके चलते यहां आने वाले शवों को तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। नरैनी के अज्ञात युवक के शव के मामले में पुलिस द्वारा पंचनामा न भरने के चलते शव को पोस्टमार्टम हाउस नहीं भेजा जा सका। जबकि दो बार अस्पताल प्रशासन ने सूचना दी थी। लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया।

वर्ष 2019 से जिला अस्पताल की मोर्चरी में दोनों फ्रीजर खराब पड़े हैं। इसके लिए पत्राचार किया गया था। लेकिन डिमांड पूरी न हो सकी। अब जिला अस्पताल में नया मोर्चरी बन रही है। उसके चालू होने पर यहां डीप फ्रीजर की व्यवस्था की जाएगी।

डॉ. एसएन मिश्र

सीएमएस, जिला अस्पताल पुरुष, बांदा।



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