बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में बिजली विभाग के 27 अरब रुपये बकायेदारों ने फंसा रखे हैं। विभाग के बकायेदारों की संख्या चार लाख से अधिक है, जिनमें 60 हजार तो ऐसे बकायेदार हैं, जिनका कुछ पता ही नहीं चल रहा है। ऐसे में मंडल में वसूली के लिए विभाग का फोन घुमाओं अभियान बेमतलब साबित हो रहा है।
चित्रकूटधाम मंडल में बिजली विभाग के 6.42 लाख से अधिक व्यवसायिक व घरेलू और सौभाग्य योजना के कनेक्शन धारक है। इनमें 4.16 लाख से अधिक कनेक्शन धारकों पर विभाग का करीब 27 अरब से अधिक बकाया है। शासन के आदेश पर बकायेदारों को बकाया जमा करने को प्रेरित करने के लिए फोन करों अभियान शुरू किया था, लेकिन इनमें 60 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने विभाग का एक दो बार फोन रिसीव किया। बताया जाता है कि विभाग से बचने के लिए तमाम बड़े बकायेदारों ने या तो अपने फोन बंद कर रखे हैं या फिर सिम ही बदल दिया है।
मजे की बात तो यह है कि विभाग जब इन्हें ढूंढने के लिए निकला तो उसे इनके पतों पर मकान ही ढूंढे नहीं मिले। विभाग ने इनकी आरसी काटकर तहसील भेजना शुरू कर दिया है। एक लाख से अधिक एक लाख उपभोक्ताओं की विभाग ने आरसी काटकर तहसीलों को भेज दी है।
मंडल के चारों जनपदों में अप्रैल माह से बकायेदारों के विरूद्ध चलाए गए अभियानों में एक लाख से अधिक के 51,501 बकायेदारों के कनेक्शन काट दिए गए है। अन्य को नोटिस जारी किया गया है। छोटे बकायेदारों को बकाया जमा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। करीब 20 अरब से अधिक बकायेदारी जमा भी कराई गई।
जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर बंद है। उनसे संपर्क कर मोबाइल नंबर अपडेट कराए जाएंगे। बकाये की वसूली के लिए घर-घर पहुंचा जाएगा। बड़े बकायेदारों की आरसी जारी होगी।
सुनील कपूर
मुख्य अभियंता
चित्रकूटधाम मंडल बांदा
