बांदा। जिला अस्पताल में बिजली सप्लाई के लिए आई मुख्य लाइन में फाल्ट हो जाने से चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे इसी परसिर में स्थित उच्चीकृत मंडलीय चिकित्सालय की ओपीडी शुरुआत में संचालित नहीं हो सकी। दोपहर 12 बजे बिजली आने पर मरीजों को देखा गया। उधर, सिटी स्कैन भी ठप रहा। बिजली आने के बाद सर्वर की समस्या से सिटी स्कैन कराने वाले रोगियों को जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाई। शेष जिला अस्पताल में सभी सेवाओं को जेनरेटर से संचालित किया गया।
उच्चीकृत मंडलीय चिकित्सालय में चार घंटे बिजली नहीं रही। सुबह आठ बजे से ईएनटी डॉक्टर, दंत रोग विभाग के डॉक्टर व फिजियोथेरेपी के डॉक्टर बिन बिजली के मरीजों को नहीं देख पाए। दोपहर 12 बजे फाल्ट में सुधार होने से बिजली व्यवस्था सुचारू हुई तब तीनों विभाग ने अपने-अपने रोगियों को देखा। यहां दोपहर 12 बजे से मरीजों की लाइन लगी रही। सुबह से दोपहर 12 बजे तक तकरीबन 50 मरीजों की लाइन लगी रही। दोपहर 12 बजे बिजली आने से सिटी स्कैन का काम शुरू हुआ।
बांदा। जिला अस्पताल में संचालित सिटी स्कैन का सर्वर न चलने से पिछले 24 घंटे के दौरान तकरीबन 60 मरीजों की जांचे रुक गई। सिटी स्कैन कराने वाले मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए इंतजार करना पड़ा। बीच-बीच में एक-दो जांच रिपोर्ट मरीजों को दी गईं।
यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि सोमवार को दोपहर साढ़े तीन बजे से सर्वर खराब हुआ है जो मंगलवार को दोपहर साढ़े तीन बजे तक सही नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि 24 घंटे के अंतराल में 50 मरीजों की जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
जिला अस्पताल के लिए आई बिजली की मेन लाइन में फाल्ट की वजह से उच्चीकृत मंडलीय चिकित्सालय की ओपीडी ठप रही है। इस बिल्डिंग में फिलहाल जेनरेटर की सुविधा न होने से बिजली सप्लाई नहीं हो सकी। उधर, सिटी स्कैन का सर्वर खराब होने की वजह से मरीजों को जांच रिपोर्ट मिलने में देरी हुई है। संबंधित कंपनी के अधिकरियों से बातचीत की गई है। जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।
डॉ. एसएन मिश्र
सीएमएस, जिला अस्पताल, बांदा।
