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बांदा। राज्य पेयजल और स्वच्छता मिशन लखनऊ के यूनिट कोआर्डिनेटर (टेक्निकल) डीके सिंह ने रविवार को खटान पेयजल योजना का निरीक्षण किया। जल शोधन संयत्र, इंटकवेल, पानी की टंकी देखने के साथ ही जल संयोजनों में पानी की स्थिति देखी। पानी का प्रेशर कम मिलने पर नाराजगी जताई। खामियों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए।

200 करोड़ की जल जीवन मिशन परियोजना के तहत जनपद की खटान व अमलीकौर परियोजना के तहत 80 फीसदी तक काम पूरा हो गया है। कई गांवों में घर-घर शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन खामियों के चलते पेयजल आपूर्ति की शुरुआती स्थिति ठीक नहीं है। खामियों के चलते लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क कई स्थानों पर यूहीं छोड़ दी गई है।

ग्रामीणों की शिकायत पर रविवार को यहां यूनिट कोआर्डिनेटर (टेक्निकल) डीके सिंह आए और उन्होंने खटान पेयजल योजना के कठार गांव में स्थित जल शोधन संयत्र को देखा। निर्माण की गुणवत्ता को परखा। इंटकवेल और पानी की टंकी को देखा। बाद में उन्होंने गांव जाकर ग्रामीणों से पेजयल की जानकारी ली। बताया गया कि प्रेशर कम होने से पानी की पतली धार आ रही है। 15 से 20 मिनट में एक बाल्टी पानी नहीं आ रहा है। दो दिन में सुधार के निर्देश दिए।

गांव में कई स्थानों पर पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को यूहीं छोड़ दिए जाने पर नाराजगी जताई। जिसे तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे एमपी सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) महेंद्र राम, प्रधान मोहम्मद्दीन समेत एलएण्डटी व एनसीसी संस्था के सहायक अभियंता व जूनियर इंजीनियर सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

पौने दो लाख घरों को मिलना है लाभ

-इन दोनों ही योजना से जिले के करीब पौने दो लाख घरों को लाभ मिलना है। विभागीय जानकारी के अनुसार खटान योजना में 374 गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों में 1.43 लाख घरों को कनेक्शन दिया जाएगा। वहीं अमलीकोर परियोजना 243 गांव हैं, इनमें 21274 घरों के कनेक्शन दिया जाना है।



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