कर्मचारियों और महिला पुलिस ने दरवाजा खोलकर बचाया
युवक पर बहलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज था, बयान के बाद युवक के साथ चली गई
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। वन स्टॉप सेंटर में लाई गई एक युवती ने यहां कमरे में भागकर पंखे के सहारे फांसी लगाने की कोशिश की। उधर, घटना से सेंटर में तैनात कर्मचारियों और पुलिस घबरा गई। उन्होंने तत्काल दरवाजा खोलकर उसे बचाया। घर से
जिला अस्पताल परिसर में संचालित वन स्टॉप सेंटर में रविवार को एक करीब 19 वर्षीय युवती को कोतवाली तालबेहट पुलिस द्वारा लाया गया था। युवती के कोर्ट में बयान आदि कराए जाने थे। सोमवार को युवती वन स्टॉप सेंटर में बैठी थी। जबकि उसके आसपास ही सेंटर के कर्मचारी व महिला पुलिस भी मौजूद थी।
वहीं मुकदमे के विवेचक वन स्टॉप सेंटर के बाहर मौजूद थे। अभी दोपहर का समय हो रहा था कि सेंटर में बरामदे में बैठी युवती अचानक से उठी और गैलरी में दौड़ते हुए सेंटर के एक कमरे में जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। उसे भागते देखकर कर्मचारी और महिला पुलिस भी उसके पीछे दौड़ पड़े।
उन्होंने कमरे को खोलने का प्रयास किया तो वह अंदर से बंद मिला। जिसके बाद सभी कर्मचारियों ने सामूहिक प्रयास करके दरवाजे को धक्का देखकर खोल दिया। कमरे के अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। युवती वहां पलंग पर खड़ी थी और छत पर लगे पंखा से दुपट्टा का फंदा बनाकर फांसी लगाने जा रही थी। कर्मचारी उसे तुरंत दूसरे कक्ष में ले गए।
इधर वन स्टॉप सेंटर में युवती के फांसी पर लटकने की कोशिश की सूचना मिलने पर महिला थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। इसके बाद मुकदमा की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक युवती को अपने साथ न्यायालय ले गए। इस दौरान उस पर विशेष निगरानी रखी गई।
परिजनों ने युवक पर भगा ले जाने का कराया था मुकदमा
कोतवाली तालबेहट क्षेत्र अंतर्गत एक ग्राम निवासी ग्रामीण ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 17 सितंबर को उसकी 19 वर्षीय पुत्री बिना बताए कहीं चली गई। जिसकी खोजबीन की तो पता चला कि एक युवक उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया है। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस लड़की को खोजने में जुट गई थी। इसके बाद लड़की को पुलिस ने सकुशल खोज लिया था। कोतवाली तालबेहट के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने लड़की के न्यायालय में बयान कराए। बयान में लड़की ने युवक के साथ रहने की मंशा जाहिर की। न्यायालय के आदेश के बाद लड़की को लड़के के सुपुर्द कर दिया गया। लड़की बालिग थी।
वन स्टॉप सेंटर पर लाई गई लड़की सोमवार को सेंटर में बैठी हुई थी। उसके साथ उसकी मां भी थी। अचानक लड़की उठकर भागी और एक कमरे में पहुंचकर दरवाजा बंद कर लिया था। लड़की फांसी पर लटकने की कोशिश कर रही थी। उसे बचा लिया गया।
पूनम शर्मा, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी
