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माधौगढ़। गोशालाओं की हकीकत देखने आए यूपी एनजीटी के प्रमुख सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एसबीएस ने ब्लाॅक माधौगढ़ की कई गोशालाओं का निरीक्षण किया। गोवंशों की हालत बदतर देखकर नाराजगी जताई। कुरसेड़ा के प्रधान के घर के पास डंप सड़ा भूसा देखकर हैरान रह गए। पड़कुला गोशाला की टंकी में गंदा पानी देखकर प्रधान प्रतिनिधि को फटकार लगाई।

एनजीटी की टीम ने ब्लॉक टीम के साथ रामहेतपुरा, चितौरा, कुरसेडा़, पड़कुला, सरावन और अस्थाई गोशाला माधौगढ़ का निरीक्षण किया। चार साल से संचालित चितौरा गोशाला में पौधे रोपित न होने पर नाराजगी जताई। इसके बाद टीम कुरसेड़ा गोशाला पहुंची। गोशाला में 121 गोवंशों के टैग लगने के बाद 58 गोवंश मौजूद होने पर प्रधान कमलेश सही जवाब नहीं दे सके।

ग्रामीणों ने गोवंशों को सड़ा भूसा खिलाने की शिकायत की। प्रधान ने गोशाला में पानी भरने के कारण घर पर अच्छा भूसा रखने की बात कही। इस पर एनजीटी प्रमुख भूसा देखने घर पहुंच गए। घर के पास डंप सड़ा भूसा देखकर न्यायमूर्ति हैरान हो गए। इसके वाद पड़कुला गोशाला पहुंचे। सचिव सुमित यादव ने बताया कि गोशाला में 70 गोवंश बंद हैं। सभी को टैग लगाए जा चुके हैं। उन्होंने एक को टैग लगी दिखाने की बात कही तो सचिव बंगले झांकने लगा।

गोशाला में बने दो कंपोजिट खाद के गड्ढों में कूड़ाघर बना होने, टंकी में काई सहित गंदा पानी देख प्रधान प्रतिनिधि उपेंद्र सिंह से नाराजगी जताई। गोशाला में रखरखाव खराब होने, गोवंश का स्वास्थ्य ठीक नहीं तथा टैग न होने की बात सचिव से कबूल करवाई। इसके बाद टीम अस्थायी गोशाला माधौगढ़ पहुंची।

गोशाला के आगे गोबर का डंप होने पर ईओ अमित नायक को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही गोशाला में बंद 129 गोबंश में एक तिहाई पशु कमजोर होने पर अलग से रखकर चारा खिलवाने की बात कही। इस दौरान बीडीओ रमेश चंद्र शर्मा, एडीओ पंचायत महावीर शरण गुप्ता, इंद्रपाल सिंह, अमित गुर्जर, सुमित यादव, सुनील सोनकर, डाॅ सुरेंद्र राजपाल आदि मौजूद रहे।



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