कदौरा। अब आय,निवास और खतौनी की तरह परिवार रजिस्टर की नकल भी आसानी से मिल सकेगी। लेटलतीफी और होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए शासन ने इसे भी डिजिटल करने की कवायद शुरू की है। लोगो को आवेदन करने के तय समय के भीतर नकल मिल जाएगी।
सरकार ने सबसे बड़े पहचान पत्र के रूप में प्रयोग होने वाले परिवार रजिस्टर की नकल को भी ऑनलाइन करने की कवायद शुरू की है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के पांच जनपदों में यह व्यवस्था लागू की गई थी। जो सफल हो गई है। निदेशक पंचायतीराज ने अन्य सभी जनपदों में यह व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया है। अब ग्राम पंचायत अधिकारी विशेष अभियान चला कर गांवों में लोगों का डाटा एकत्र करेंगे। उनका पता रजिस्टर में दर्ज करेंगे। इसके बाद सारा डाटा डिजिटल पोर्टल में अपलोड कर दिया जाएगा। यह कार्य पूरा होने के बाद हस्तलिखित परिवार रजिस्टर नकल देने की प्रक्रिया पूर्ण रूप से बंद कर दी जाएगी। बीडीओ एमएल यादव ने कहा कि अभी उनके पास आदेश नहीं आया है।
