बांदा। जिले में संक्रामक रोग थम नहीं रहा है। गुरुवार को एक किसान ने बुखार से दम तोड़ दिया तो डिप्थीरिया के लक्षण का एक और मरीज मिला है। इससे पहले दो डिप्थीरिया लक्षण के मरीज मिल चुके हैं, जिसमें एक की मौत भी हो चुकी है। इसके साथ ही डेंगू की संख्या भी बढ़कर 89 हो गई है। गुरुवार को पांच और लोगों में इसकी पुष्टि हुई है। लगातार मामले आने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली है।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के मुरलिया पुरवा निवासी कमलेश यादव (40) को गुरुवार को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके भाई राममूरत ने बताया कि उसे दो दिन से बुखार आ रहा था। सुबह उसे उल्टी और दस्त होने लगे। उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां उसने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर चले गए हैं।
उधर, नरैनी तहसील में डिप्थीरिया लक्षण के दो मरीज मिलने के बाद अब बिसंडा गांव निवासी आरती (8) पुत्री रामसुफल को गुरुवार बह जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। उसके डिप्थीरिया रोग के लक्षण मिले हैं। पैथोलॉजी में गुरुवार को 168 मरीज जांच कराने पहुंचे थे। इनमें डेंगू जांच के लिए 33 सैंपल लिए गए। डेंगू से सिकलोढ़ी गांव निवासी संदीप (23), बाबा तालाब निवासी संदीप सिंह (25), छावनी मोहल्ला निवासी रवि (35), भूरागढ़ निवासी सीमा (29), सिविल लाइन निवासी दिनेश (26) को डेंगू की पुष्टि की गई। इनमें सीमा को भर्ती कराया गया है। शेष सभी मरीज ओपीडी में दिखाने आए थे। डेंगू के अब तक 89 मामले आ चुके हैं।
