उरई। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद मिली आख्या के बाद बीएसए चंद्रप्रकाश ने कार्रवाई की है। बीएसए ने एक प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। जबकि चार को प्रतिकूल प्रविष्टि देकर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही तीन शिक्षकों का वेतन लापरवाही के चलते रोक दिया है।
बीईओ कोंच ने भेजी गई आख्या के क्रम में बीएसए चंद्रप्रकाश को अवगत कराया गया कि प्राथमिक विद्यालय रुखना का निरीक्षण 27 सितंबर को किया गया था। निरीक्षण के समय 9.15 बजे प्रधानाध्यापक विद्यालय से अनुपस्थित थे। उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर थे। नामांकित 17 छात्रों के सापेक्ष छात्रों की उपस्थिति शून्य पाई गई। शिक्षामित्र 23 से 27 सितंबर तक बिना सूचना के अनुपस्थित थीं। निरीक्षण के समय दस बजे तक कुल छह छात्र स्कूल पहुंचे थे। ग्रामीणों ने बताया था कि सभी शिक्षक देरी से आते हैं।
एमडीएम पंजिका भी नहीं बनी, एसएमसी का गठन भी अपूर्ण है। जगत सिंह को एसएमसी का अध्यक्ष बनाया गया है जिनका कोई बच्चा स्कूल में नहीं पढ़ता है। किचन भी गंदा मिला। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक रामपाल सिंह प्राथमिक विद्यालय रुखना को निलंबित कर खंड शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया। इसी तरह डकोर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय सेसा का बीएसए ने 20 जुलाई को आकस्मिक निरीक्षण किया था। विद्यालय के स्टाफ को निपुण भारत अभियान के बारे में कुछ पता नहीं था। न ही कोई कार्ययोजना तैयार की गई थी।
प्रधानाध्यापक ने रसोइया चयन में विभागीय आदेशों का अनुपालन नहीं किया। इस पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार निरंजन की एक स्थाई वेतन वृद्धि रोकी गई है। साथ ही शिक्षिका चंद्रकुमारी वर्मा, मोहिनी पटेल, शिक्षक दीपक निरंजन, बृजेंद्र सिंह को लापरवाही व उदासीनता बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गई। इसी तरह कंपोजिट विद्यालय पिरौना में चार अक्तूबर को किए गए निरीक्षण में भी शिक्षकों द्वारा लापरवाही बरतने व खामियां मिलने पर बीएसए ने इंचार्ज प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार यादव, शिक्षक अनूप शर्मा, शिक्षिका योगिता देवी, का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है। साथ ही 15 दिन में शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार लाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
