बांदा। स्वास्थ्य विभाग के चार लाख रुपये खर्च हो गए, इसके बावजूद मच्छरों की भरमार है। प्रतिदिन डेंगू के मरीज आ रहे हैं। शनिवार को भी आधा दर्जन से ज्यादा डेंगू के मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। संख्या भी अब डेढ़ के करीब पहुंच गई है।
जिले में इन दिनों मच्छर जनित बीमारी वायरल फीवर और डेंगू से अस्पताल भरे पड़े हैं। प्रतिदिन 1000 से 1500 मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। फिर भी बीमारी से राहत नहीं मिलती दिख रही है। डेंगू के केस भी प्रतिदिन मिल रहे हैं।
उधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उसने मार्च माह से अब तक मच्छर लार्वा नष्ट करने में लगभग चार लाख रुपये खर्च किए हैं। यह रुपया एंटी लार्वा दवा का छिड़काव, फागिंग, पंप, जागरूकता के लिए पंपलेट्स, हैंडबिल आदि में खर्च किया गया है।
शहरी क्षेत्र में चार टीमें घर-घर सर्वे कर जागरूकता अभियान भी चला रहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग अब डेंगू रोग के प्रति जागरूक करने के लिए जिले की 1596 आशा कार्यकर्ताओं का भी सहयोग ले रहा है। यह आशा 16 अक्तूबर से गांव-गांव में जाकर मच्छरजनित बीमारियों से रोकथाम के लिए जागरूक करेंगी।
मकानों का सर्वे- चार लाख 54 हजार 319
घरों के अंदर लार्वा पात्र जांच- 12 लाख 80 हजार 275
लार्वा धनात्मक मकान- 5509
मकान मालिकों को नोटिस (शहरी क्षेत्र)- 156
एंटी लार्वा दवा टेमिफॉस- 197 लीटर
फागिंग दवा मैलाथियान- 50 किलोग्राम
पंप- 47, पंपलेट्स पोस्टर, हैंडबिल आदि वितरित किए।
बांदा। शनिवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में 302 मरीजों ने अपनी जांच कराई। इनमें 38 मरीजों की डेंगू जांच की गई। जिसमें आजाद नगर निवासी संतोष कुमार (35), अलीगंज निवासी आनंद (16), पीली कोठी निवासी माधुरी (60), नुनिया मोहाल निवासी श्रीराम (50), छाबी तालाब निवासी भूमि (13), जेल रोड क्योटरा निवासी देवेंद्र (18), बंगालीपुरा निवासी रोहित चौरसिया (26) में डेंगू की पुष्टि की गई। इनमें माधुरी व भूमि को भर्ती कराया गया। अब तक डेंगू के 134 मरीज आ चुके हैं।
एंटी लार्वा निरोधक दवा व फागिंग और घर-घर सर्वे किया जा रहा है। घरों में जांच के दौरान लोग भी सहयोग नहीं करते हैं। जिन घरों में डेंगू धनात्मक लार्वा मिलता है। उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से साफ पानी से भरा पात्र खाली कराया जाता है, लेकिन कभी-कभी लोग अपने मकान में टीम को जाने नहीं देते हैं। इससे भी काम में रुकावट आ रही है।
पूजा अहिरवार, जिला मलेरिया अधिकारी
