राजापुर (चित्रकूट)। सरधुआ थाना अंतर्गत चांदी बांगर गांव में बबूल के पेड़ की लड़की के बंटवारे को लेकर एक ही परिवार के दो पक्ष आपस मेें भिड़ गए। गालीगलौज के बाद सभी आपस में मारपीट करने लगे। इसी दौरान एक पक्ष के बाला प्रसाद निषाद (५२) धक्का लगने से जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए। आनन फानन उन्हें सीएचसी लाया गया वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों ने दूसरे पक्ष पर पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
रविवार को चांदी बांगर गांव के मंजीत निषाद ने बताया कि शनिवार की देर शाम को गांव से कुछ दूरी पर स्थित उनकी भूमि पर बबूल का पेड़ लगा था। गांव के ही घनश्याम अपने नलकूप में बिजली का कनेक्शन करने के लिए बिजली की के बिल बबूल के पेड़ के पास से लगा रहा था। जिसके लिए उसने पेड़ को सबकी रजामंदी से कटवा दिया था।
इसी पेड़ की लकडिय़ों के बंटवारे के लिए नत्थू व उसका पुत्र मुंडा लेने के लिए पहुंच गए और लकडिय़ां ले जाने लगे। इस बात का उसके भतीजे मंजीत ने विरोध किया कहा कि इस पेड़ में उनका भी हिस्सा है। सभी लकडिय़ां मत ले जाओ। इस बात को लेकर विवाद होने लगा। इसी दौरान दोनों पक्ष के बीच मारपीट होने लगी। मंजीत ने बताया कि उसको पिटता देख पिता बाला प्रसाद ने बचाने का प्रयास किया तो उनको भी पीटा गया इससे उनकी मौत हो गई।
उधर, नत्थू पक्ष के परिजनों का कहना कि किसी ने बाला प्रसाद निषाद को पीटा नहीं है। विवाद के दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर गया। इसके बाद उसकी मौत हो गई। उसके शरीर में कहीं भी चोट नहीं आयी। इस मामले मेें मंजीत ने बताया कि नत्थू व उसके पुत्र मुंडा सहित उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ तहरीर दिया है।
थानाध्यक्ष दीपेंद्र सिंह ने बताया कि लकड़ी के बंटवारे में दोनों पक्ष विवाद के बाद समझौता कर रहे थे। इसी दौरान बाला प्रसाद निषाद जमीन में गिर गया। उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद ही मृत्यु का कारण ज्ञात होगा।
