अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विवाहिता की मौत के मामले में जेल में बंद ससुर की रिहाई नहीं हो पाई। सत्र न्यायाधीश जयतेंद्र कुमार की अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि महोबा निवासी सुनील राजपूत ने चिरगांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया था कि उसने अपनी बहन मधु की शादी 21 मई 2023 को पूंछ के ग्राम उजयारपुरा निवासी वीरेंद्र सिंह राजपूत के बेटे शिवम से की थी। लेकिन, शादी के बाद से ही दहेज में मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा था। उसे भूखा रखा जाता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। मायके आने पर बहन ने यह बात बताई थी। बावजूद, परिवार को टूटने से बचाने के लिए उसकी विदाई कर दी गई थी। 24 जुलाई 2023 को बहन मधु के ससुराल में फांसी लगा लेने की सूचना मिली थी। इसके बाद भाई ने हत्या कर बहन का शव फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद मृतका के ससुर की ओर से रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
