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संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा

Updated Tue, 10 Oct 2023 12:15 AM IST

बांदा। खेत में पराली जलती मिली तो किसान को 15 हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। सैटेलाइट से निगरानी होगी। कलक्ट्रेट सभागार में पराली फसल अवशेष प्रबंधन संबंधित कृषक जागरूकता कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को यह जानकारी दी।

उप निदेशक कृषि विजय कुमार ने कहा कि पराली जलने से हानिकारक गैस जैसे कार्बनडाई आक्साइड एवं कार्बन मोनो आक्साइड निकलती है। वातावरण में इसके फैलने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सांस संबंधित बीमारियां बढ़ जाती है। पराली जलाने पर सैटेलाइट से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। दो एकड़ से कम में पराली जलाने पर 2500 व इससे अधिक में 5000 और पांच एकड़ से अधिक में 15 हजार रुपये तक के जुर्माने का नियम है। कहा कि पराली जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है।

कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. श्याम सिंह ने कहा कि किसान पराली को पशुशाला में बिछाने, कंपोस्ट खाद बनाने में उपयोग कर सकते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी अजय आनंद सरोज ने पराली को गोशाला को दे दें। इसकी आय-व्यय का खर्च ग्राम पंचायत करेगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि मानव व मृदा स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किसान पराली न जलाएं। प्रगतिशील किसान नवल किशोर सहित तमाम किसान मौजूद रहे।



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