बांदा। किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो हेमंत कुमार कुशवाहा की अदालत में 10 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अन्य धाराओं में सजा सहित 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। दोषी का सजायावी वारंट बनाकर पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया।
विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने बताया कि तिंदवारी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी पीड़िता की मां ने तिंदवारी थाने में 16 सितंबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री 12 सितंबर 2020 को शाम साढ़े साढ़े चार बजे शौच क्रिया के लिए खेतों की ओर गई थी। वहीं पर गांव का दिलशाद ने उसे खेतों में पकड़ लिया और उसके साथ बुरा काम किया।
जब उसके माता पिता उसके घर उलाहना देने गए तो उनके साथ भी मारपीट की। उसकी मां व पिता को दोषी ने घर से निकलने नहीं दिया। वह किसी तरह चार दिन बाद थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
दोषी के खिलाफ 25 जनवरी 2021 को आरोप बनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोषी दिलशाद को सजा सुनाई।
