ललितपुर। जिला कारागार में इन दिनों सांप्रदायिक सौहार्द की अनोखी मिसाल देखने को मिल रही है। जेल में बंद हिंदू कैदियों के साथ मुस्लिम कैदी भी नवरात्र का त्योहार बना रहे हैं। यहां तक कि उन्होंने नौ दिन का व्रत भी रखा है। जेल में बंद दस महिला सहित 88 कैदियों ने नवरात्र पर्व पर नौ दिन का उपवास रखा है। इनमें दो मुस्लिम कैदी भी नवरात्र का व्रत रखे हुए हैं। जेल प्रशासन ने व्रत को देखते हुए कैदियों के लिए फलाहार की विशेष व्यवस्था की है।
जनपद की जिला कारागार में वर्तमान समय चार सौ से अधिक कैदी निरुद्ध चल रहे हैं। इनमें महिला कैदी भी शामिल है। जिसमें कुछ कैदी सजायाफ्ता हैं तो कुछ के मामले न्यायालय में विचाराधीन चल रहे हैं। वर्तमान में हिंदुओं का प्रमुख त्योहार नवरात्र चल रहा है। इसमें मां दुर्गा की नौ रूपों में अपार आस्था रखने की मिसाल सलाखों के पीछे भी देखने को मिल रही है। जनपद की जिला कारागार में नवरात्र की धूम है। माहौल भक्तिमय हो गया है। यहां निरुद्ध कैदियों में से 88 कैदी नवरात्र पर्व पर नौ दिन का उपवास रखे हैं। इनमें दस महिला कैदी भी शामिल है। वहीं दो मुस्लिम कैदी भी नवरात्र पर्व पर नौ दिन का उपवास कर रहे हैं। उपवास करने वाले मुस्लिम कैदी आजाद पुत्र अब्दुल सलीम निवासी झांसी और नबाब पुत्र बन्ने निवासी ललितपुर है। जेल प्रशासन ने व्रत करने वाले सभी कैदियों के लिए फलाहार की विशेष व्यवस्था की है। जिसमे व्रत रहने वाले कैदियों के लिए दो केला, आधा लीटर दूध, शक्कर और आलू फलाहार के रूप में जेल प्रशासन की ओर से दिया जा रहा है। इसके साथ ही सुबह शाम पूजा अर्चना के लिए सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। व्रत करने वाले हिंदू-मुस्लिम कैदी सुबह-शाम पूजा अर्चना करने के साथ भजन कीर्तन कर रहे हैं।
महिला बैरक में दुर्गा माता की प्रतिमा की स्थापित
जेल के अंदर ही महिला कैदियों ने महिला बैरक में दुर्गा माता की प्रतिमा स्थापित की है। दुर्गा माता की प्रतिमा को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइट से दुर्गा माता का पंडाल सजाया गया। इसमें महिला कैदी सुबह-शाम पूरे विधि विधान से पूजा पाठ करते हुए आरती कर रही है। वहीं भजन-कीर्तन किया जा रहा है। इससे जिला कारागार का माहौल वर्तमान समय में भक्तिमय बना हुआ है।
हर वर्ष नवरात्र में कैदियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। उपवास रहने वाले कैदियों की चिकित्सक से जांच कराई गई और जो फिट हैं उन्हें नौ दिन तक उपवास करने दिया गया है। जेल में बंद 88 कैदी जिसमें दस महिला कैदी भी शामिल हैं नवरात्र का उपवास कर रहे है। उपवास करने वाले कैदियों में दो मुस्लिम कैदी भी शामिल है। उपवास रखने वाले कैदियों के लिए फलाहार दिया जा रहा है। नवरात्र में कैदियों के द्वारा की जा रही पूजा-पाठ के लिए सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
लाल रत्नाकर सिंह, जेल अधीक्षक
