बांदा। देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। नवरात्र के छठवें दिन मां कात्यानी की आराधना की गई। श्रद्धालु दडंवत व सांग के साथ माता के ड्यूढ़ी पर माथा टेकने पहुंचे। सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। कन्या भोज आदि कार्यक्रम हुए। उधर, पंडालों में मां के विभिन्न स्वरूपों की झाकियां सजाई गईं। देवी प्रतिमाओं को देखने शहर सहित आसपास के गांवों की खासी भीड़ रही। पुलिस व कार्यकर्ताओं को व्यवस्थाएं संभालनी पड़ीं। पंडालों में दो मिनट से ज्यादा किसी को रुकने नहीं दिया गया।
शुक्रवार को देवी मंदिरों में मइया की चुनर उड़ी जाए, पवन धीरे-धीरे चलों, मां मुरादे पूरी कर दे, हलुआ पूरी बाटूंगी जैसे गीतों की धूम रही। मां काली देवी मंदिर में देवी को रंग विरंगे फूलों व ध्वजा पताका सहित रत्नजड़ित आभूषणों से सजाया गया। इसी प्रकार महेश्वरी देवी में मां के विभिन्न स्वरूपों को बेहद आकर्षक तरीके से सजाया गया। उधर, विंध्यवासिनी खत्री पहाड़ में नीचे व पहाड़ में ऊपर स्थित मां का भव्य दरवार चढ़ाया गया। दर्शनों को हजारों की भीड़ उमड़ी। बबेरू संवाद के अनुसार मां मढ़ीदाई मंदिर में दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा। जोगीन माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मेला में श्रद्धालुओं के अलावा समीपवर्ती जनपदों से आए आस्थावानों ने पूजा अर्चना की। खप्टिहा कलां के संवाद सहयोगी के अनुसार पाथादाई व मढ़ीदाई मंदिर में सारा दिन भक्तों का आना जाना लगा रहा। इधर, छठवें दिन शहर सहित गांवों में स्थित देवी पंडालों में आयोजकों पूरा जोर लगा दिया। मां नौ रंग रूपों में भव्य श्रंगार पेश किया गया। काली देवी, सिविल लाइन, छोटी बाजार, बलखंडी नाका, महेश्वरी देवी, कालूकुआं के पंडाल दर्शकों से खचाखच भरे रहे। कार्यकताओं व पुलिस को दर्शकों को हटाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
