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उरई। लंपी वायरस को लेकर जिले भर में अभियान चलाकर गोवंशों को टीका लगाया जा रहा है। अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। पशुपालन विभाग ने लक्ष्य पूरा करके शासन को रिपोर्ट भी भेज दी है।

एक माह पहले लंपी वायरस को लेकर पशुपालकों के साथ विभाग भी चिंतित था। जिले में लंपी वायरस के केस आने के बाद पशु मेले पर भी रोक लगा दी थी। धीरे-धीरे सभी गोवंश का टीकाकरण किया जा रहा था।

जो अब अंतिम चरण पर जाकर खत्म होने वाला है। विभाग ने लक्ष्य के अनुरूप कार्य भी कर लिया है। कागज की हकीकत और जमीनी हकीकत में फर्क होता है।

पशुपालन विभाग का दावा है कि एक महीने में एक लाख 73 हजार गोवंश के टीके लगाए जा चुके हैं। जबकि पशु जनगणना के अनुसार जिले में दो लाख 42 हजार 198 गोवंश हैं।

वहीं, जिले की 414 गोशाला में 34 हजार 845 गोवंश बंद हैं। जिनका टीकाकरण 10 दिन के अंदर ही कर लिया गया था। टीकाकरण के लिए 37 टीमें लगाई गई थीं। जिन्होंने एक महीने में लक्ष्य पूरा कर लिया है। जिले में लंपी वायरस के ज्यादा केस नहीं थे फिर भी ऐहितयात के तौर पर अधिकतर गोवंश को टीका लगा दिया गया है। मौसम के साथ बीमारी आती है। उसके बाद खत्म भी हो जाती है।

लंपी वायरस को लेकर भले ही टीकाकरण पूरा हो गया हो फिर भी अभी विभाग सर्तकता बरते हुए है। जिसको लेकर पशु मेलों पर अभी रोक है। जिले में कई बड़े पशु मेले लगाए जाते हैं। सीवीओ ने बताया कि पशु मेले 31 अक्तूबर से शुरू किए जाएंगे। तब तक के लिए पशुपालकों को बता दिया गया है। अगर पशुओं में कोई बीमारी दिखती है तो तुंरत पशु अस्पताल या डॉक्टरों को जरूर दिखाएं।

जो लक्ष्य बनाया गया था। उसके अनुसार काम हो गया है। वायरस घातक न हो इसके लिए गोशाला में बंद सभी गोवंशों का पहले टीकाकरण किया गया था। -डॉ. अखिलेश सचान, सीवीओ, पशुपालन विभाग



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