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उरई। जनसमस्याओं को सुनने के लिए पांचों तहसील में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें 165 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। सिर्फ 14 लोगों को ही न्याय मिल पाया।

151 लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। अधिकारियों ने फरियादियों को समस्या निस्तारण का आश्वासन दिया। समाधान दिवस में जमीनी विवाद के मामले ज्यादा रहे।

कोंच में डीएम राजेश कुमार पांडेय और एसपी ईरज राजा ने लोगों की समस्याओं को सुना। कई सालों से लंबित पड़े मामलों को देख डीएम ने जिम्मेदारों के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर जल्द से जल्द समाधान करने की हिदायत दी।

इसी बीच एक बुजुर्ग महिला ने जब अपनी पीड़ा बताई तो सब हैरान रहे गए। नौ साल से अपनी पति का मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनवा पा रही हैं। डीएम ने उसकी पीड़ा सुनकर तुरंत उसका प्रमाणपत्र जारी करवाया। भावुक होकर उसने खुशी जाहिर की।

52 समस्याओं में सात का मौके पर निस्तारण कराया गया। राजस्व विभाग से जुड़ी तमाम समस्याएं देख डीएम ने लेखपालों को जमकर फटकार लगाई और तत्काल मौके पर जाकर उनके निस्तारण के निर्देश दिए।

इस दौरान एसडीएम अतुल कुमार, सीओ रामसिंह, सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा, परियोजना निदेशक शिवकांत द्विवेदी, डीडीओ सुभाष चंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

उरई में एसडीएम और तहसीलदार ने शिकायतों को सुना। 28 शिकायतें दर्ज की गई। जिसमें सिर्फ एक को ही न्याय मिल पाया है। कालपी तहसील में एसडीएम केके सिंह और सीओ डॉ. देवेंद्र पचौरी ने 29 शिकायतों में एक का ही समाधान किया।

बाकी निराश होकर लौटे। मौके पर तहसीलदार शेरबहादुर सिंह, एसडीओ आदर्श राज यादव, राजेश पटेल आदि मौजूद रहे।

जालौन तहसील में सीडीओ भीमजी उपाध्याय ने 19 पीड़ितों की समस्याओं को सुना। लेकिन समाधान किसी का नहीं करा पाए। सभी को निराश होकर लौटना पड़ा। समाधान दिवस में पुलिस व नगर पालिका की पांच-पांच, राजस्व की तीन, डूडा व समाज कल्याण की दो-दो, विकास व कृषि विभाग की एक-एक शिकायत पंजीकृत हुई।

माधौगढ़ में एसडीएम शशिभूषण और सीओ शैलेंद्र वाजपेई की मौजूदगी में 37 शिकायतों में सिर्फ पांच को न्याय मिला बाकी लोगों को आश्वासन से काम चलाना पड़ा।

केस-1- उरई तहसील के चिल्ली गांव के निवासी समरथ ने शिकायत करते हुए बताया कि वह कैंसर से पीड़ित हैं। शारीरिक रुप से कमजोर होने के चलते कहीं जा नहीं पाते हैं। आवास के लिए प्रधान सचिव से कहा था। उन्होंने पैसे की मांग की। कई सालों से आवास के लिए परेशान हो रहे हैं।

केस-2- कोंच विकास खंड के गांव खैरी निवासी राधाकृष्ण, शत्रुघ्न सिंह, धर्मेंद्र आदि ने इंटरलॉकिंग का फर्जी निर्माण बताकर प्रधान, सचिव और पंचायत मित्र द्वारा करीब तीन लाख और ट्री-गार्ड के नाम पर करीब 95 हजार रुपए निकाल कर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। जांच की मांग की।

केस-3- माधौगढ़ के रामहेतपुरा निवासी सुरभान ने शिकायत कर बताया कि धमना माइनर में पानी न आने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। अगर समय पर पानी नहीं मिला तो खेती में परेशानी होगी।

केस-4- ग्राम महेवा निवासी नरेंद्र सिंह ने शिकायत करते हुए बताया कि उसके घूरे और कंडे की जमीन पर गांव के ही दो लोग कब्जा किए हुए हैं। जब लोग घर का कूड़ा डालने जाते हैं। वह लोग गाली-गलौज करने लगते हैं।



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