बांदा। वाहनों की रफ्तार ने त्योहार में तीन घरों में मातम ला दिया। अलग-अलग हुए सड़क हादसों में एक महिला समेत तीन लोगों की जान चली गई। किसी की बाइक ब्रेकर से उछल गई तो कोई डिवाइडर से टकरा गया। वाहन के अनियंत्रित होने से ये हादसे हुए
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के महुटा गांव निवासी ओमप्रकाश (30) शुक्रवार को दोपहर गांव से अतर्रा बाजार गया था। यहां से लौटकर दोपहर करीब तीन बजे गांव जा रहा था। बरम बाबा स्थान व शांतिधाम स्कूल के बीच सामने कार आ जाने से बचने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पड़े पाइपों से जा टकराई। वह गंभीर घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे सीएचसी भेजा। वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। देर रात मेडिकल कॉलेज से कानपुर ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। मृतक हेलमेट नहीं लगाए था। पिता ने बताया कि उसके दो पुत्र हैं। वह मजदूरी करता था।
मरका थाना क्षेत्र के इंगुवा गोड़ा गांव निवासी सुमित्रा (26) अपने छोटे भाई नरेश के साथ फतेहपुर में इलाज के लिए गई थी। वापस लौटते समय फतेहपुर के मुत्तौर गांव के पास ब्रेकर में बाइक उछल जाने से पीछे बैठी सुमित्रा भी उछलकर सिर के बल गिर गई। परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इलाज के दौरान शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। रिश्तेदार ओमप्रकाश ने बताया कि वह निसंतान थी। पति धर्मेंद्र यादव सूरत में रहकर मजदूरी करते हैं। शादी के छह साल हो गए, लेकिन संतान न होने से वह मानसिक रूप से परेशान रहती थीं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के क्योटरा मोहल्ला निवासी बनवारी (50) दिल्ली में रहकर प्राइवेट स्कूल की बस चलाता था। शुक्रवार वह दिल्ली से बाइक से अपने साले के पुत्र मटौंध गांव निवासी बसंतलाल (30) के साथ बाइक से आ रहा था। शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे करीब देहात कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर गांव के पास पीछे से आए ट्रक की ठोकर से बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई। जिससे बनवारी की मौके पर ही मौत हो गई। बसंतलाल गंभीर घायल हो गया। पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। भाई दशरथ ने बताया कि त्योहार में वह अपने घर आ रहा था। घर में पत्नी संपत और दो पुत्र हैं। तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। देहात कोतवाली प्रभारी जयचंद्र सिंह ने बताया कि हादसे में बनवारी की मौत हुई है। बनवारी हेलमेट लगाए था, सीने के बल गिरने से उसकी मौत हुई।
