उरई। अंडरग्राउंड पड़ी बिजली लाइन के लगे बॉक्स अब लोगों को लिए खतरा बनने लगे हैं।
जिनसे हादसे भी हो रहे हैं और चोरी की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। बिना किसी बांस-डंडा के अब हाथ से ही कटिया डाल ली जाती है। इस ओर विभाग का ध्यान नहीं जा रहा है।
शहर के अंदर आधा दर्जन मोहल्लों में बिजली की लाइन अंडरग्राउंड हैं। इन लाइन के लिए बॉक्स भी लगे हुए हैं। हर मोहल्ले में 20 से 30 कदम की दूरी पर बॉक्स लगे हुए हैं।
इनको लगाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुविधा देना था ताकि लोगों को लंबी-लंबी केबल न डालना पड़े। लेकिन लोगों ने सुविधा को अपनी चोरी की भी सुविधा बना ली है। सुबह शाम आसानी से कोई भी केबल डालकर बिजली चोरी कर लेता है। ये बॉक्स लोगों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। एक महीने में बॉक्स के करंट से कई लोग झुलस चुके हैं। कहीं भी कोई ताला लॉक देखने को नहीं मिल रहा है।
नगर में दर्जनों बॉक्स की खिड़कियां टूट चुकी हैं। बॉक्स खुले पड़े हैं। शहर के मैकेनिकनगर, आंबेडकर चौराहे के पास, तुफैलपुरवा, डिग्गीताल, बजरिया में अधिकतर बॉक्स खुले पड़े हैं।
-बघौरा निवासी नीरज ने बताया कि दो सप्ताह पहले मेरी बेटी बाहर खेल रही थी। तभी अचानक बॉक्स में करंट आने से चिपक गई। गनीमत रही की उस समय बिजली चली गई। जिससे कुछ नहीं हुआ। उसके बाद बॉक्स में लगी कटी केबल को अलग करवाया गया।
-बजरिया निवासी सलीम ने बताया कि बॉक्स खुला रहने से करंट लगने का भी खतरा रहता है। कुछ समय पहले एक गाय भी चिपक गई थी। अधिकतर बॉक्स खाली पड़े हैं। इनको बंद भी नहीं किया जाता है।
बॉक्स को दिखवाकर बंद करवाए जाएंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी। -आरके यादव, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग
