बांदा। संदिग्ध हालात में विवाहिता ने सूने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के समय परिजन देवी प्रतिमा विसर्जन में गए थे। वापस आने पर शव फंदे से लटका देखा। आशंका जताई जा रही है कि त्योहार पर पति के न आने से फंदा लगाकर जान दी है। मायके पक्ष ने ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। तहसीलदार ने शव का पंचनामा भरा है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के करहिया गांव निवासी सत्यवती (23) ने सूने घर में मंगलवार की शाम दुपट्टे से पंखें की कड़ी में फंदा लगा लिया। घटना के समय ससुर राजबहादुर व अन्य परिजन देवी प्रतिमा के विसर्जन में गए थे। रात 10 बजे जब लौटे तो फंदे से लटकी मिली। ससुर ने पुलिस और मायके वालों को सूचना दी। ससुर ने बताया कि उसका पति उमेश कुमार वर्मा मुंबई में कमाता है। वह चार महीने से घर नहीं आया। इसी को लेकर रात में मोबाइल से सत्यवती से कहासुनी हुई थी। इसी के चलते उसने फंदा लगाया है।
उधर, मायके पक्ष गिरवां थाना क्षेत्र के पैंगंबरपुर निवासी मां शकुतंला ने बताया कि वह पति दादूराम व बच्चों के साथ दिल्ली में रहती है। वहां पति बेलदारी करते हैं। पड़ोसियों ने सूचना दी कि बेटी की मौत हो गई है। जब वह आईं तो शव भी देखने नहीं दिया। उन्होंने ससुरालियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। कहा कि पति उमेश वर्मा उनकी बेटी को नहीं चाहता है। पत्नी की खबर नहीं लेता था। किसी और महिला से उसका चक्कर है। जून से बेटी से बात नहीं हुई। बताया कि उन्होंने एक तोला सोना और एक किलो चांदी सत्यवती के पास रखाई थी। वह भी हड़प कर ली। पुत्री की शादी दो साल पहले की थी। एक डेढ़ साल का पुत्र ऋषभ भी है। तीन बहन और एक भाई में वह बड़ी थी।
देहात कोतवाली प्रभारी जयचंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। तहसीलदार से शव का पंचनामा भराया है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
