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बांदा। डेंगू की रफ्तार के आगे स्वास्थ्य विभाग बेहद सुस्त साबित हो रहा है। दो महीने से लगातार डेंगू बढ़ता जा रहा है। आंकड़ा तीन सौ के करीब पहुंच गया है, लेकिन विभाग अब तक रोकथाम के लिए मिले बजट का 50 फीसदी भी खर्च नहीं कर सका है। नतीजा यह है कि लगातार डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं।

अगस्त महीने में पांच केस सामने आए थे। उसके बाद डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को अगस्त महीने में चार लाख रुपये का बजट जारी हुआ था। इस बजट में उसे डेंगू को रोकने का जतन करना था। बजट में उसने 246 लीटर एंटी लार्वा टेमिफॉस की व्यवस्था की, जिसमें मात्र 90 लीटर ही वह खर्च कर सका। वहीं 126 किलोग्राम फांगिग दवा मैलाथियान 60 किलो ही मच्छरों को मारने में प्रयोग किया गया। नतीजा यह है कि डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और दो महीने में संख्या 281 पहुंच चुकी है।

-शनिवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी जांच में सात नए डेंगू मरीजों की पुष्टि की गई। इनमें शहर के कटरा मोहल्ले के विकल्प (16), सिमौनी, बबेरू निवासी जयकरन (38), गूलर नाका निवासी चमन (25), गुलाब बाग निवासी पूजा (14), सहेवा गांव निवासी रानी (55), मौदहा निवासी क्षितिज निगम (18), बबेरू निवासी अंतिम (21) को डेंगू की पुष्टि की गई। इनमें रानी और अंतिम को भर्ती कराया गया है।

-जिला अस्पताल में 30 मरीज तेज बुखार के आए थे। उनमें डेंगू के लक्षण लगने पर उनकी पैथोलॉजी जांच कराई। इनमें सात में डेंगू की पुष्टि हुई। बाकी को वायरल बुखार बताया गया। फिजिशियन व बालरोग विशेषज्ञ के अनुसार मौसम परिवर्तन की वजह से जुकाम के मरीज भी बढ़े हैं। पैथोलॉजी में अन्य बीमारियों समेत कुल 260 मरीजों ने जांच कराई।

– स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में एंटी लार्वा दवा और फांगिग दवा का स्टाॅक उपलब्ध है। मच्छररोधी अभियान लगातार जारी है। प्रतिदिन डेंगू प्रभावित मोहल्लों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें जाकर फांगिग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कर रही हैं। जलभराव वाले स्थानों पर प्राथमिकता के साथ टीमें मच्छररोधी अभियान चला रही है।

विजय बहादुर

सहायक मलेरिया अधिकारी, बांदा।



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