संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 28 Oct 2023 11:50 PM IST
चित्रकूट (खोही/मानिकपुर)। जिले की सीमा से सटे चितहरा बीट के जंगल में एक बाघ का शव मिला है। अति संरक्षित प्रजाति के जंगली जानवर की मौत को लेकर फिलहाल शक की सुई शिकारियों पर टिकी है। आशंका है कि शिकारियों की ओर से लगाए तारों के करंट की चपेट में आने से बाघ की मौत हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम में करंट से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। रेंजर ने शव कहीं से लाकर जंगल में फेंकने का अंदेशा जताया है।
वन विभाग के मझगवां रेंजर पंकज दुबे ने बताया कि चितहरा बीट के चौरेही के जंगल में चरावाहों ने झाड़ियों के बीच बाघ का शव देखा। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने मौके पर जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रेंजर कहना कि मौत के कारण का पता किया जा रहा है।
इससे पूर्व 19 मई 2019 को एमपी क्षेत्र के सरभंगा आश्रम मेें मझगंवा के अमिरती वन बीट क्षेत्र में देर रात तालाब में पानी पीने आए बाघ की करंट से मौत हो गई थी। इसी तरह से यूपी सीमा क्षेत्र में सात साल के अंदर यूपी क्षेत्र में भी पांच से अधिक बाघों की मौत हो चुकी है। जिसे लेकर यूपी- एमपी के वन विभाग के अधिकारी बाघों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में हैं।
