संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 04 Nov 2023 12:17 AM IST
चित्रकूट। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने आजीवन करावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि बांदा जिले के कमासिन थाने की एक गांव की महिला ने कर्वी कोतवाली में बीती 26 जुलाई 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला के अनुसार वह अपने पति के साथ कसहाई रोड में किराए के मकान में रहती थी। उसका पति राज मिस्त्री का काम करता है।
बीती 25-26 जुलाई 2023 की रात उसका पति घर आया और कक्षा चार में पढ़ने वाली 11 वर्षीय बेटी को पढ़ाने के बहाने छत ले गया। छत में रात्रि लगभग 11 बजे पति ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। बेटी रोते हुए नीचे आई और आपबीती सुनाई। इसके बाद उसने थाने में जाकर तहरीर दी थी। बीती 10 अगस्त को आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने निर्णय सुनाया।
जिसमें दोष सिद्ध होने पर बेटी से दुराचार करने के आरोपी पिता को आजीवन करावास से दंडित किया गया। अर्थदंड की धनराशि जमा होने पर 50 फीसदी पीडि़ता को देने के आदेश दिए गए हैं।
