उरई। फसलों का बीमा करने वाली कंपनी ने प्रीमियम तो पूरे वसूले, लेकिन दैवी आपदा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई कुछ ही किसानों की। इसमें भी मुआवजा आधा अधूरा दिया। किसानों का प्रीमियम लेकर कंपनी तो मालामाल हो गई, लेकिन किसान तंगहाल हैं। किसान विभाग के अफसरों और कंपनियों के चक्कर काटकर थक हारकर बैठ गए।
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 315845 किसान हैं। इनमें से 60678 किसानों ने फसली वर्ष 2022-23 में रबी की फसलों का बीमा कराया था। बीमा कंपनी इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस ने किसानों से बीमा प्रीमियम के रूप में 4603.827 लाख रुपये वसूले थे। इनमें ऋणी किसान 58990 और गैर ऋणी 1688 किसान हैं।
दैवी आपदा के कारण हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। किसानों ने नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनी से गुहार लगाई थी। फसलों का सर्वे भी कराया गया था, लेकिन बीमा कंपनी इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस ने 2275 किसानों को 275 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी है। कंपनी का दावा है कि इन किसानों के खाते में क्षतिपूर्ति भेजी जा चुकी है। बीमा कंपनी प्रीमियम के 4328 लाख की धनराशि हजम कर गई। किसानों का कहना है कि फसल का बीमा कराने पर कंपनी ने पूरे प्रीमियम वसूले, लेकिन दैवी आपदा में खराब हुई फसलों का मुआवजा देने में आनाकानी की। कई बार कृषि विभाग में शिकायत की। बीमा कंपनी के अफसरों से भी नुकसान की भरपाई की गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। फसलों के नुकसान का मुआवजा नहीं मिला।
इस मामले में कृषि उप निदेशक एसके उत्तम का कहना है 2275 किसानों को 275 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी है। जो किसानों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। उनका कहना है कि जिन किसानों को क्षतिपूर्ति नुकसान के मुकाबले कम मिली है। उन्हें शिकायत करनी चाहिए।
