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तीन घंटे तक वैन में फंसे रहे घायल, मशक्कत के बाद निकाला जा सका

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। शनिवार को चिरगांव-गुरसराय मार्ग पर रामनगर पुल पर वैन और कंटेनर के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें वैन के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में वैन में सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां, भतीजा और दोस्त का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है। वैन में फंसे घायलों को तीन घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सहा।

टहरौली थाना इलाके के ग्राम कल्याणपुरा निवासी हलकाई का पुत्र अरविंद अहिरवार (39) अपनी मां महादेवी (65), दोस्त विनोद पाल और छोटे भाई भूपेंद्र के 13 साल के बेटे नमन को लेकर वैन से चिरगांव जा रहा था। वैन अरविंद चला रहा था। चिरगांव में उसे मूंगफली बेचनी थी और मां को डॉक्टर से दिखाना था। जब वे रामनगर गांव के पास बेतवा नदी के पुल पर पहुंचे तो सामने से तेज गति में आ रहे एक कंटेनर ने वैन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और वह कंटेनर के नीचे फंस गई। हादसे के बाद मौके पर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए। किसी तरह ग्रामीणों ने बच्चे नमन को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बाकी तीनों वैन में बुरी तरह से फंसे हुए थे, जिससे ग्रामीण उन्हें निकाल नहीं पाए। इस पर चिरगांव पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। सूचना पर पर एसडीएम मनोज कुमार सरोज मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हाइड्रा और एलएंडटी मशीनों को मौके पर बुलाया, जिनकी मदद से कंटेनर को उठाया गया। इसके बाद सब्बल से वैन को काटकर तीनों घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद आनन-फानन तीनों को चिरगांव अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर यहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल में चिकित्सकों ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया। जबकि, नमन, महादेवी और विनोद का इलाज जारी है। तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

बता दें कि मृतक अरविंद की बेटी प्रिंसी (14) कक्षा 10 में पढ़ती है, जबकि बेटा राज (16) कक्षा 11वीं में अध्ययनरत है। अरविंद दो भाइयों में बड़ा था। घटना के बाद से परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है। गांव का माहौल भी गमगीन है।

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निकालने में देरी होने पर आक्रोशित हुए परिजन

झांसी। हादसे की सूचना पाकर परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे। वैन में फंसे घायलों को निकालने में देरी होने पर उन्होंने हंगामा कर दिया। रोती-चीखतीं महिलाएं सड़क पर लेट गईं। मृतक अरविंद की पत्नी अभिलाषा ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद पुलिस एक घंटे की देरी से पहुंची। वैन में फंसे घायलों को बचाने के लिए तेजी नहीं दिखाई गई। इसमें तीन घंटे लग गए और घायल मदद के लिए चिल्लाते रहे। समय रहते यदि घायलों को निकाल लिया जाता तो शायद पति की जान बच जाती।

हादसे में हाथ गवां चुका था अरविंद

झांसी। चिरगांव-गुरसराय मार्ग पर रामनगर पुल पर हुई दुर्घटना में मारा गया अरविंद पहले ट्रक चलाता था। साल 2018 में हुई एक दुर्घटना में उसका दाहिना हाथ कट गया था। इससे वह बेरोजगार हो गया था, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। कुछ समय पहले उसने वैन चलाना शुरू की थी और वह एक हाथ से ही गाड़ी चलाता था।



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