अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर के बड़ागांव गेट बाहर स्थित पॉश कॉलोनी में मंगलवार रात पुलिस ने सट्टा खिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। स्वाट टीम ने कोतवाली पुलिस की मदद से यहां से सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से रजिस्टर बरामद हुआ। इसमेंं 84 लाख रुपये के लेन-देन का विवरण दर्ज था। पूछताछ में मालूम चला कि इन लोगों ने पांच अलग-अलग ऑनलाइन बेवसाइट बनाई थीं। गिरोह के मास्टमाइंड की पुलिस तलाश कर रही है।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कोतवाली प्रभारी संजय गुप्ता एवं स्वॉट प्रभारी जितेंद्र तक्खर की अगुआई में पुलिस टीम ने मंगलवार रात बड़ागांव गेट बाहर स्थित द्वारिका कॉलोनी में आकाश गुप्ता के मकान में कार्रवाई की। यहां मोबाइल और लैपटॉप से सट्टा लगवाया जा रहा था। पुलिस केे पहुंचते ही यहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें शोभित पटेल निवासी महोबा, राजकुमार जाट निवासी मथुरा, कृष्णा कुशवाहा निवासी इतवारीगंज, वैभव जैन निवासी नगरा, महेंद्र वर्मा निवासी महोबा, पवन पटेल निवासी मऊरानीपुर, राहुल निषाद निवासी महोबा शामिल हैं। एसपी सिटी के मुताबिक सटोरियों से करीब 13 मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत अन्य इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस बरामद हुई हैं। पुलिस टीम में चौकी प्रभारी पंकज मिश्र, रजत, धारा सिंह, कृष्ण मुरारी समेत अन्य शामिल रहे।
लक्ष्मीबाई द राईज ऑफ झांसी के नाम से बना रखा था खाता
पकड़े गए सटोरियों ने लक्ष्मीबाई द राईज ऑफ झांसी नाम से रजिस्टर में खाता बनाया था। इसमें पैसों का पूरा हिसाब-किताब रखा जाता था। पुलिस को कुल 82,81078 रुपये का हिसाब मिला है। गिरोह को दुबई, दिल्ली जैसे शहरों से चलाया जाता है। पकड़े गए युवकों को मासिक वेतन पर रखा हुआ था। युवकों का कहना था कि उनको पूरे काम के लिए हर महीना 20-25 हजार रुपये मिलता था। पकड़े गए युवकों में एक बीएससी का छात्र है जबकि एक ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी में भी काम करता है।
