चित्रकूट। अवैध खनन व ओवरलोड ट्रकों की लोकेशन देने के आरोप में आरोप में आठ पुलिस कर्मियों पर विभागीय गाज गिरी है। इन सभी से बयान दर्ज कराकर जिले से स्थानांतरित कर दिया गया है।
एसपी वृंंदा शुक्ला ने बताया कि समय समय पर लोकेशन गैंग के खिलाफ सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती रही है। कई बार विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता की शासन स्तर से जांच हुई है। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर कई पुलिसकर्मियों पर लोकेशन देने वाले गिरोह के लोगों की मदद करने की बात सामने आई।
जांच पड़ताल के बाद इन सभी से पूछताछ व बयान दर्ज किए गए हैं। इसके बाद इन्हें शासन की संस्तुति पर जिले से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें टीआई योगेश यादव को बागपत, यातायात सिपाही देवेंद्र राजपूत हाथरस, उदय सिंह सीओ का हमराही एटा, लवलेश यादव थाना राजापुर को बदायूं, दिलीप थाना पहाड़ी को अमरोहा, मारकुंडी थाना के अमित सिंह को गाजियाबाद, राजापुर थाना को उमेश त्रिपाठी को कासगंज व भरतकूप के विकास यादव को थाना मुजफ्फर नगर भेजा गया है। सभी को तत्काल संबंधित जनपदों मेें जाकर आख्या देने के लिए कहा गया है।
ऐसे काम करता है गिरोह
खनन परिवहन करने वाले मोबाइल में एक ग्रुप बनाएं हैं। इसको लोकेशन गिरोह के नाम से जाना जाता है। ऐसे किसी वाहन को पुलिस व अन्य अधिकारियों से बचाकर जिले से बाहर निकालने के लिए जगह जगह इसके लोग खड़े होते हैं। आरोप है कि इसमें कुछ पुलिसकर्मी व खनिज विभाग के कर्मचारियों का सहयोग रहता है। इस ग्रुप में गैंग के सदस्य मोबाइल से अधिकारियों की मौजूदगी या रास्ता खाली होने की जानकारी ट्रक चालक को देते रहते हैं।
