झांसी। मेडिकल कॉलेज में सितंबर में हुई रैगिंग के बाद पैरामेडिकल कॉलेज में दो बैच के छात्रों की भिड़ंत के मामले में 38 एमबीबीएस छात्रों पर पांच से लेकर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। अब इन छात्रों से 4.80 लाख का जुर्माना वसूला जाएगा। ये सभी छात्र 2019 और 2020 बैच के छात्र हैं। कमेटी की रिपोर्ट के बाद कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई की है।
मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में 29 सितंबर की रात को सीवी रमन हॉस्टल की कैंटीन में शराब के नशे में धुत 2019 बैच के चार छात्रों ने 2020 बैच के दो एमबीबीएस छात्रों को मुर्गा बनाकर पीटा था। बचाने आए साथियों पर भी लोहे की रॉड, ईंट से हमला बोल दिया था। इसमें एक जूनियर छात्र का सिर फट गया। जब ये घटना हुई तो 2019 बैच के छात्रों ने 2021 के एमबीबीएस छात्रों को अपने समर्थन में बुला लिया था। क्योंकि, हॉस्टलों में सम बैच के छात्र एक साथ और विषम बैच के एक साथ रहते हैं। ऐसे में 2020 और 2021 बैच के छात्रों के बीच भी मारपीट हुई थी। देर रात 2020 बैच के छात्र पैरामेडिकल कॉलेज में रह रहे 2021 बैच के कुछ जूनियर्स को पीटने पहुंच गए थे। मामले की जांच कर रही एंटी रैगिंग कमेटी ने 2019 बैच के दो सीनियर्स को दोषी मानते हुए कक्षाओं से छह-छह महीने के लिए निलंबित कर दिया था। अब पैरामेडिकल कॉलेज में हुई भिड़ंत के दोषी 2019 और 2020 के छात्रों पर जुर्माना लगाया गया है। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट के बाद 29 छात्रों पर 15 हजार और नौ छात्रों पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
