बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज कैंपस से लापता महिला की तलाश के लिए बुधवार को तीन बार सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस के हाथ खाली रहे थे। घटना को लेकर परिजनों ने आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज स्टाफ अगर साथ दे देता तो यह अनहोनी नहीं होती। महिला अस्पताल से गायब हो गई और किसी कर्मचारी को काफी तक कुछ पता भी नहीं चला।
बुधवार को सुबह 5:42 बजे से लापता महिला की तलाश के लिए मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज का चप्पा-चप्पा खंगाला था। सबसे पहले दोपहर ढाई बजे सर्च अभियान चला। जिसमें सीसीटीवी कैमरों और मेडिकल स्टाफ से जानकारी की गई। उसके पास शाम चार बजे और फिर शाम सात बजे सर्च अभियान चला। सर्च अभियान में मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज कुलदीप तिवारी ने बताया कि शाम सात बजे तक महिला का शव नहीं मिल सका था।
महिला के मायके से आए छोटे भाई ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज स्टाफ ने उनकी नहीं सुनी। कई बार कहा गया कि उनकी महिला लापता है उसे तलाश करने में मदद करें। इस पर मेडिकल कॉलेज स्टाफ ने खुद तलाश करने की बात कही थी। इसी तरह से महिला के चचेरे दामाद ने भी मेडिकल कॉलेज स्टाफ की लापरवाही से यह घटना होने का आरोप लगाया है।
दूसरी डिलीवरी थी, पति करते हैं मजदूरी
बांदा। महिला का मायका चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र के एक गांव में है। महिला के पति तीन भाई हैं। उनके हिस्से में सवा बीघा जमीन है। वह खेती किसानी के साथ मजदूरी करते हैं। पति ने बताया कि उनके एक छह साल का पुत्र है। उनकी पत्नी की यह दूसरी डिलीवरी थी। घटना में मेडिकल कॉलेज की मिली भगत होना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने डीएम और एसपी से इस घटना के खुलासे की मांग की है।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा के प्रधानाचार्य डॉ. एस के कौशल ने बताया कि महिला की आपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई थी। उसे महिला वार्ड से इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। यहां से महिला खुद चलकर कहीं निकल गई थी। इमरजेंसी में ड्यूटी में तैनात स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय व स्वीपरों के पुलिस ने बयान लिए हैं। इस प्रकरण की वह भी जांच करा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में बुधवार को सुबह 5:42 बजे इमरजेंसी से वार्ड से अकेले महिला के निकलने के फुटेज हैं। इसकी जांच की जा रही है।
