– प्रोजेक्ट अलंकार के तहत संस्कृत विद्यालयाें में निर्माण कार्यों के लिए बदले नियम
– 95 प्रतिशत परिषद और 5 प्रतिशत अंश देगा विद्यालय प्रबंधन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। शासन संस्कृत विद्यालयों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अब हाल ही में प्रोजेक्ट अलंकार के नियमों में बदलाव किया है, अब एसएमसी को निर्माण कार्यों के खर्च का सिर्फ 5 प्रतिशत अंश ही देना होगा।
बेसिक शिक्षा परिषद लगातार प्रोजेक्ट कायाकल्प के तहत अपने विद्यालयों को सुधारने में लगा हुआ है। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के पुनर्निमाण के लिए प्रोजेक्ट अलंकार शुरू किया था। ताकि विद्यालयों की सूरत बदली जा सके। साथ ही संस्कृत विद्यालयों के लिए भी प्रोजेक्ट अलंकार शुरू किया था। पहले प्रोजेक्ट अलंकार के तहत होने वाले कार्यों के खर्च का 50 प्रतिशत परिषद और 50 प्रतिशत विद्यालय प्रबंध समिति को देना था। लेकिन किसी भी विद्यालय एसएमसी ने इस पर सहमति नहीं जताई थी। इसलिए अब एसएमसी का 50 प्रतिशत घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं परिषद ने अपना 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत किया गया है। लेकिन इसमें 50 साल पुराने संस्कृत विद्यालय और 100 विद्यार्थियों का पंजीकरण होना चाहिए।
उप निरीक्षक संस्कृत पाठशाला राजकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि नए नियमों के अनुसार विद्यालयों को चिन्हित किया जा रहा है। इसमें एमएमसी को कुल खर्च का मात्र 5 प्रतिशत अंश ही देना होगा।
