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संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। रेल मंडल में क्राॅसिंग पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (गेटमैन) को अब जंगल में शौच क्रिया के लिए जाने की आवश्यकता नहीं है। रेलवे ने झांसी मंडल की तीन सौ से अधिक रेलवे क्रॉसिंग को ओडीएफ (ओपन डेफिकेशन फ्री) कर दिया है। यानी अब गेटमैन के शौच क्रिया के लिए जाने पर ट्रेन को कॉशन लेने की जरूरत नहीं रह गई है। गेट पर काम करने वाले गेटमैन जब तक गेट बंद नहीं करते तब तक ट्रेन आगे नहीं बढ़ती। इसके चलते कई बार गेटमैन स्टेशन मास्टर का फोन भी नहीं उठा पाते थे। ऐसे में ट्रेन को धीमी रफ्तार (काॅशन) के साथ गेट से पास कराना पड़ता है। ऐसे में स्वाभाविक तौर पर ट्रेन का समय प्रभावित होता है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए झांसी रेल मंडल ने रेलवे क्रॉसिंग को ओडीएफ कर दिया है। मंडल में स्थापित 319 लेबल क्रॉसिंग पर अब गेटमैन के लिए उनके केबिन (गेट लॉज) में ही अटैच शौचालय बना दिए हैं। इसके अलावा गेट पर ही सर्दी में गर्म पानी भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसको लेकर मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि गेटमैन रेल संचालन का प्रमुख अंग हैं, उनकी शौचालय की परेशानी दूर करते हुए सभी क्रॉसिंग को ओडीएफ करने का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शौचालय निर्माण कराया जा रहा है।



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