नलकूप कनेक्शन के बाद भी डीजल इंजन चलाने से पड़ रही दोहरी मार
अमर उजाला ब्यूरो
डोंगरा खुर्द(ललितपुर)। बिरधा उपकेंद्र से जुड़े नाराहट फीडर के दर्जनों गांवों में विद्युत कटौती व लो वोल्टेज की समस्या से किसान परेशान हैं। आलम यह है कि 24 घंटे में से बमुश्किल आठ से 10 घंटे ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसमें भी लो वोल्टेज के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। ऐसे में किसान डीजल इंजन चलाकर खेत की सिंचाई करने को मजबूर हैं। वहीं किसानों को बिजली का बिल भी अदा करना पड़ रहा है। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
नाराहट क्षेत्र के दिगवार, तरावली, बरेजा, महाराजपुरा, मकरीपुर, ललितापुर, बछरई, बनयाना, अर्जुन खिरिया, दौलतपुर, डोंगरा खुर्द, पटना, गुरयाना, चांदोरा, गुढ़ा, खिरिया, गदोरा, धोलपुरा, सिंगरवारा गांवों के किसानों का कहना है कि दिन अथवा रात में लगातार कुछ घंटे सप्लाई मिले और वोल्टेज सही रहें तो खेत की सिंचाई कर सकते हैं। लेकिन रात में ट्रिपिंग से काफी परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि सारी रात रतजगा हो जाता है। जो सप्लाई मिलती है उसमें लो वोल्टेज से बल्व दीपक की तरह जलता है।
अघोषित कटौती और लो वोल्टेज से किसान जूझ रहे हैं। विभागीय अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। -हरीराम दुबे।
आए दिन बिजली बाधित रहती है। कभी कभार लो वोल्टेज से मोटर नहीं चल पाते। इससे जनरेटर चलाकर खेत में फसल में पानी लगा रहे हैं। – हरगोविंद, किसान
बिल पूरा भरना पड़ता है और बिजली कम आती है,अगर आती भी है तो बिल्कुल लो वोल्टेज आते हैं। इससे मोटर लोड ही नहीं लेती। डीजल का खर्च अलग से उठाना पड़ रहा। – बृजेश त्रिपाठी,किसान ।
नाराहट फीडर ओवरलोड चलने से रोस्टर को दो भागों में बांटा गया है। 10-10 घंटा बिजली आपूर्ति हो रही है। मशीन एवं तारों की क्षमता से डेढ़ गुना लोड ज्यादा होने से लो वोल्टेज की समस्या आ रही है। – सूरजभान सिंह, एसडीओ
