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– बीमा कंपनी ने जांच में पात्र पाए महज 10 हजार किसान

– कंपनी ने कहा- किसानों को कहना था कि फसल पानी में डूब गई

सुरेंद्र सिंह

ललितपुर। पहले बारिश ने किसानों के सपनों को तोड़ दिया। फसल का बीमा करा रखा था तो उम्मीद थी कि क्लेम मिलने से कुछ राहत मिल जाएगी। लेकिन बीमा कंपनी ने भी किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसानों ने बारिश से फसल खराब होने की सूचना बीमा कंपनी को दी, इस पर कंपनी ने नौ हजार किसानों का क्लेम रद्द कर दिया। कंपनी का कहना है कि किसानों को खेत में पानी भरने या फसल डूबने की शिकायत करने की थी। अब बीमा कंपनी की मनमानी को लेकर किसानों में आक्रोश है।

सितंबर माह में हुई बारिश से जिले के कारीटोरन, बिरधा समेत कई इलाकों के 19 हजार किसानों की खरीफ की फसल बर्बाद हो गई थी। इन किसानों ने बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फसल खराब होने की शिकायत दर्ज कराई। जब बीमा क्लेम देने की बारी आई तो कंपनी ने 8936 किसानों का क्लेम यह कहकर रद्द कर दिया कि उन्होंने बारिश से फसल खराब होने की शिकायत की है। जबकि कंपनी के नियमों के मुताबिक किसानों को यह कहना था कि उनके खेत में पानी भर गया है या फसल पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि कंपनी ने फसल का बीमा कराने के दौरान ऐसी कोई जानकारी नहीं दी। जब क्लेम की बारी आई, तो कानून बता दिए गए। साथ ही क्लेम को लेकर पूछताछ भी नहीं की गई। अब किसानों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी की है।

10698 किसानों की फसल को खराब माना

कंपनी ने जांच के दौरान 10698 किसानों की फसल को खराब माना। इन किसानों के खातों में फरवरी 2023 तक बीमा क्लेम की धनराशि पहुंच जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।

ये हैं कंपनी के नियम

बीमा कंपनी के नियम के अनुसार खड़ी फसल के खराब होने पर क्लेम तब मिलता है, जब फसल जमीन खिसकने, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, बादल फटने और खेत में पानी भरने से खराब हुई है। बारिश से फसल खराब होने का कंपनी के नियम में कोई प्रावधान नहीं है।

बीमा कंपनी ने प्रीमियम राशि काट ली। फसल नुकसान होने पर क्लेम देने में नियमों का हवाला दिया जा रहा है। – ब्रगभान

किसानों को जानकारी देना चाहिए कि किस परिस्थिति में क्या जानकारी देना होती है। बिना जानकारी के अपात्र करना गलत है। – नीरज प्रजापति

जानकारी के अभाव में सही सूचना नहीं दे पाए, तो कंपनी को मौके पर जांच करनी थी। बिना जांच के अपात्र करना गलत है। – बद्री विश्वकर्मा

प्रीमियम राशि लेकर बीमा किया है, तो फसल नष्ट होने पर सभी किसानों को बीमा क्लेम का भुगतान किया जाना चाहिए। – रामजीलाल पाठक

बीमा कंपनी द्वारा क्लेम से वंचित किए गए किसानों ने सूचना गलत दर्ज कराई थी। इससे अपात्र हो गए हैं। – बसंत कुमार दुबे, उप निदेशक, कृषि



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