चित्रकूट। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ शहर के डाक बंगले में मंडलीय समीक्षा बैठक की। संयुक्त शिक्षा निदेशक से कहा कि मानक के विपरीत एक भी परीक्षा केंद्र नहीं बनना चाहिए। बोर्ड परीक्षा में कहीं भी नकल की शिकायत मिली तो कोई बख्शा नहीं जाएगा। समय से कापियों का मूल्यांकन और परीक्षाफल भी घोषित होगा। किसी के दबाव में मानक के विपरीत परीक्षा केंद्र नहीं होना चाहिए। अन्यथा संबंधित जिले के डीआईओएस जिम्मेदार होंगे।
शनिवार को मुख्यालय में बैठक में माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्राओं के परीक्षा केंद्र स्वकेंद्र में ही बनाए जाए। यदि उनका विद्यालय परीक्षा केंंद्र बनाने के मानक में नहीं है तो नजदीक ही उन्हें परीक्षा केंद्र की सुविधा दें। उन्होंने प्रोजेक्ट अलंकार योजना में बताया कि जितने भी संस्कृत विद्यालय हैं उनके जर्जर भवन की मरम्मत के लिए सरकार आर्थिक मदद देगी। प्रवीण योजना के तहत छात्र-छात्राओं में हुनर विकसित करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी रूप से लागू कर रहे हैं। प्रत्येक जिले में दो-दो विद्यालय हर साल लिए जाएंगे। जो पहले से व्यावसायिक शिक्षा चल रही है नई शिक्षा नीति में उसे और प्रभावी बनाया जाएगा। कंप्यूटर शिक्षा को भी सरकार और बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है।
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष लवकुश चतुर्वेदी, तीरथ तिवारी, सुरेश अनुरागी, बाबूलाल पटेल, बांदा के डीआईओएस विजयपाल सिंह, महोबा के गिरधारी लाल कोली, हमीरपुर के के ओझा, प्रधानाचार्य डॉ. रणवीर सिंह चौहान, डॉ. राजीव पाठक, धर्मेेंद्र सिंह, रुद्रनारायण पांडेय, शंकर प्रसाद यादव आदि मौजूद रहे।
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मंत्री को सौंपे ज्ञापन
चित्रकूट। डाक बंगले में शिक्षक प्रतिनिधियों ने शिक्षक समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी दिए। मंत्री ने कहा कि शिक्षक समस्याओं के लिए सरकार संकल्पित है, बहुत जल्द व्यावसायिक शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि होने जा रही है, इसके अलावा कंप्यूटर शिक्षा को और भी प्रभावी बनाया जाएगा। संवाद
