जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम जांच के बाद की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में नीलामी चबूतरों पर व्यापारियों व आढ़तियों के अवैध कब्जे के मामले में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने पूरे प्रकरण की जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अंकुर श्रीवास्तव को सौंपी, जांच में पांच आढ़तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
मालुम हो कि गल्ला मंडी में नीलामी चबूतरों पर व्यापारियों व आढ़तियों के अवैध कब्जे होने से किसानों को अपनी फसलों को सड़क पर रखकर बेचना पड़ता था। 30 नवंबर को हुई अचानक बारिश में किसानों की मूंगफली पानी में बह गई थी, इस खबर को अमर उजाला ने एक दिसंबर को पृष्ठ संख्या दो पर गल्ला मंडी के चबूतरों पर आढ़तियों का कब्जा…. मूंगफली बारिश में बही, शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने पूरे प्रकरण की जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अंकुर श्रीवास्तव को सौंप दी थी। अपर जिलाधिकारी ने जांच के दौरान मेसर्स मनोहर लाल साहू के 400 बोरे मटर, मेसर्स अमित उद्योग (मनोज जैन) के 1600 बोरे मटर, मेसर्स खजुरिया ट्रेड्स के 19920 बोरे गेहूं, मेसर्स जैन संस के 1506 बोरे और मेंसर्स सत्येंद्र कुमार/अमित कुमार के 23400 बोरे नीलामी चबूतरों पर पाए गए। इन व्यापारियों ने अनाधिकृत रूप से नीलामी चबूतरों पर कब्जा कर बोरे रख लिए जाते थे, जिस कारण किसान अपनी उपज सड़क पर रखने को मजबूर थे, ऐसे में किसानों की उपज खराब होने के साथ साथ मंडी में वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो रही थी, उक्त समस्या के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने पूर्व में भी कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे, परंतु व्यापारियों द्वारा कब्जा न हटाए जाने के दृष्टिगत यह प्रभावी कार्रवाई की गई है।
जिला प्रशासन जनपद के किसानों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, यदि इसके बाद भी कोई व्यापारी नीलामी चबूतरों पर कब्जा या अन्य किसी तरह से किसानों का अहित करता है तो उसके विरुद्ध इसी प्रकार से कार्यवाही की जाएगी।
अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व।
