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पिछले चार सालों में रैगिंग, मारपीट पर लगा था जुर्माना, अब कई छात्र हो गए पासआउट

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग और मारपीट के प्रकरण में पिछले चार सालों में 51 एमबीबीएस छात्राें और जूनियर डॉक्टराें पर आठ लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। मगर आज तक किसी से भी कॉलेज प्रशासन वसूली नहीं कर पाया है। इसमें कई छात्र पासआउट भी हो गए हैं।

मेडिकल कॉलेज में अक्सर एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के बीच रैगिंग की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई बार जूनियर डॉक्टर भी एक-दूसरे से भिड़ जाते हैं। एंटी रैगिंग कमेटी या फिर कॉलेज अधिकारियों से शिकायत करने के बाद समिति प्रकरण की जांच करती है। दोषी मिलने वाले छात्रों पर जुर्माना लगाने से लेकर कक्षाओं से निलंबित या फिर हॉस्टल से निष्कासित करने की कार्रवाई की जाती है। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में पिछले चार सालों में 51 छात्रों पर आठ लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। मगर इनमें से किसी छात्र ने जुर्माना जमा नहीं किया है। वहीं, कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि अगर संबंधित पटल के कर्मचारी ने छात्र से जुर्माना जमा नहीं कराया है तो उससे रिकवरी की जाएगी।

कब-कितना लगा जुर्माना

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– बैच 2018 के छात्रों के साथ 2016 बैच के छात्रों ने 27 फरवरी 2019 को मारपीट की थी। जांच समिति ने 2016 बैच के एक छात्र पर 50 हजार और चार विद्यार्थियों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया।

– 17 फरवरी 2020 को सर्जरी के जूनियर रेजिडेंट-3 का विभाग के ही जेआर-1 से विवाद हो गया था। जूनियर रेजिडेंट-1 ने सीनियर्स पर रैगिंग का आरोप लगाया था। इस मामले में एक सीनियर पर 35000 और चार पर 25-25 हजार जुर्माना लगा।

– रैगिंग में दोषी मिलने पर एमबीबीएस बैच 2019 के एक छात्र पर सात जनवरी 2023 को 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 14 दिन के लिए निष्कासित कर दिया गया। –

30 सितंबर 2023 को एमबीबीएस बैच 2020 और 2021 के छात्रों के बीच मारपीट हुई थी। बीते चार नवंबर को सौंपी समिति की रिपोर्ट पर कॉलेज प्रशासन ने 29 छात्रों पर 15-15 हजार और 11 विद्यार्थियों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।



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