चित्रकूट। पांच रुपये के विवाद में चचेरे भाई को घर में घुसकर मौत के घाट उतारने के दोषी चार सगे भाईयों को जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 12, 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। मामला सन 2017 में मऊ थाना क्षेत्र का है। चारों भाई सन 2018 में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर थे।
बुधवार को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि 17 जनवरी 2017 को मऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत डाक बंगला मऊ की निवासी प्रेमा देवी पत्नी छंगूलाल यादव ने मऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पुत्र लवलेश यादव व उमेश उर्फ लाला यादव के बीच पांच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था।
जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने समझाकर शांत करा दिया था। इसके बाद उसी रात 17 जनवरी उमेश अपने भाई दिनेश उर्फ टेनी, राजू व भईयवा के साथ लाठी, कुल्हाड़ी व बांका लेकर घर आया। चारों भाई घर के अंदर घुसकर गाली गलौज करने लगे और घर के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में घायल लवलेश घर के आंगन में गिर गया और उसकी मौत हो गई। हमलावरों ने लवलेश के पिता छंगूलाल के साथ भी मारपीट की।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विकास कुमार (प्रथम) ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर चारों सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
