संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। डीएपी की किल्लत के चलते जिले में रोज हो रहे हंगामों के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। मुंद्रा पोर्ट से लोड हुई डीएपी की रैक बुधवार को झांसी के रेलवे मालगोदाम पहुंच गई है। हालांकि, इसका वितरण किसानों को नहीं हो सका।
बता दें कि मोरक्को से चलकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंची डीएपी को दो दिन पहले ही झांसी पहुंचना था लेकिन, तकनीकी कारणों के चलते वहां से मालगाड़ी नहीं चल पाई। इसके बाद बताया गया कि यह 5 दिसंबर को यहां पहुंच जाएगी लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। अब राहत वाली बात यह है कि बुधवार को यह रैक गुजरात से झांसी पहुंच गई है। उप निदेशक कृषि एमएन सिंह ने बताया कि 4 हजार मीट्रिक टन डीएपी झांसी पहुंच गई है, जिसे जिले की विभिन्न समितियों में वितरण के लिए भेजा जा रहा है। हालांकि, अभी अधिकांश समिति पर डीएपी और नैनो डीएपी मौजूद है। वहीं, डीएपी की लेट लतीफी का दूसरा कारण रेलवे मालगोदाम पर देखने को मिला है। यहां रैक से उतारकर डीएपी सीधे ट्रक में लोड नहीं की गई बल्कि, उसे मालगोदाम के प्लेटफॉर्म पर ही उतार कर रखा गया है। अब एक बार फिर जब ट्रक आएगा, तब डीएपी की उसमें लोडिंग की जाएगी। बता दें कि इसी को लेकर एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें बफर गोदाम पर पहले डीएपी को लाकर अनलोड किया गया, फिर ट्रक पर लोड कराकर समितियों तक भेजा गया। जबकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि रैक से डीएपी उतार कर उसे ट्रक द्वारा सीधे समिति पर भेजा जाए।
एडीएम ने किया समितियों का निरीक्षण
जिले में खाद की किल्लत और समितियों के चेक लगाने के बाद भी उन्हें 15 दिन तक डीएपी न मिलने की शिकायतों के बाद बुधवार को एडीएम वरुण कुमार पांडे बफर गोदाम पहुंचे। उन्होंने यहां खाद की उपब्धता को देखने के बाद संबंधित को समय पर समितियों तक खाद पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ एआर को-ऑपरेटिव हिमांशु कुमार भी मौजूद रहे।
