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स्वास्थ्य विभाग की जांच कमेटी ने शव को कुतरने को भ्रामक बताते हुए झाड़ा अपना पल्ला

2 दिसंबर को ग्राम मैलार में नवविवाहिता की फांसी से मौत होने के बाद शव को पुलिस ने रखवा दिया था पोस्टमार्टम हाउस

संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। पोस्टमार्टम हाउस में नवविवाहिता का शव चूहों द्वारा कुतरने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अपना पल्ला झाड़ते हुए चूहों के शव को कुतरने को भ्रामक बताया है। इसके बाद मामला पुलिस विभाग के पाले में पहुंच आ गया है। अब सवाल उठ रहा जब शव को चूहों ने नहीं कुतरा तो फिर नवविवाहिता के चेहरे पर जख्म कहां से आया था। हालांकि पुलिस के अधिकारी शव को पीएम हाउस में ही चूहों के द्वारा कुतरने की बात कह रहे है।

कोतवाली अंतर्गत ग्राम मैलार निवासी अनुभा की दो दिसंबर की देर रात मौत हो जाने के बाद उसके शव को चूहों के द्वारा पोस्टमार्टम हाउस में कुतर कर बेकदरी होेने के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट सीएमओ को प्रेषित कर दी। रिपोर्ट में जांच कमेटी ने पोस्टमार्टम हाउस में शव को चूहों के कुतरने को गलत बताया। इसके बाद अब मामला पुलिस विभाग के पाले में पहुंच गया है। सवाल उठ रहा कि शव के चेहरे को चूहों ने नहीं कुतरा तो नवविवाहिता के चेहरे पर जख्म कहां से आया। जबकि पुलिस विभाग द्वारा बताया गया था कि फांसी से मौत हो जाने के बाद शांति व्यवस्था बिगड़ने की संभावना को देखते हुए शव को रात के समय ही पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया था। दूसरे दिन जब पंचनामा के लिए शव का निरीक्षण किया तो चेहरे पर घाव थे। पुलिस यह भी दावा कर रही है कि जब शव को पीएम हाउस लाया गया था तब कोई जख्म नहीं थे। नवविवाहिता के शव के साथ बेकदरी होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग द्वारा अपने दावे किए जा रहे है।

पंचायतनामा भरने से पूर्व मिला था जख्म

2 दिसंबर की रात को राजघाट पुलिस ने अनुभा के शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया था। 3 दिसंबर को जब पुलिस ने पंचायतनामा भरने के लिए जैसे ही चादर हटाई थी तो अनुभा के चेहरे से खून रिस रहा था और एक गहरा घाव था। पहले तो पुलिस यह देखकर सकते में आ गई थी। इसके बाद पुलिस ने इस जख्म को चूहों के कुतरने से आने की बात कही थी।

स्वास्थ्य विभाग की जांच कमेटी द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट देखने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।

मोहम्म्द मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक

पोस्टमार्टम हाउस में शव को डीप प्रीजर में रखा था। जिसमें चूहा नहीं कुतर सकते, हो सकता है जब पुलिस शव को किसी वाहन में पोस्टमार्टम हाउस जा रहा होगा तब वाहन के किसी नुकीले चीज से चेहरा पर जख्म आ गया होगा।

डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्साधिकारी



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