सुसाइड नोट नहीं मिला, परिजन भी आत्महत्या के कारण से अनजान
– दो महीने से रह रहा था एक निजी हॉस्टल में
फोटो फाइल फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रविवार को डी-फार्मा के एक छात्र का शव निजी हॉस्टल के कमरे में फंदे पर लटका हुआ मिला। परिजन भी आत्महत्या के कारणों से अनजान हैं। फिलहाल पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है। छात्र दो महीने से हॉस्टल में रह रहा था। वह हमीरपुर का रहने वाला था।
हमीरपुर जिले के जरिया थाना क्षेत्र के अटरौली गांव के रहने वाले ध्रुवराम का पुत्र अंकित राजपूत (19) डी-फार्मा प्रथम वर्ष का छात्र था। वह झांसी में एमजीआई कॉलेज में पढ़ रहा था। पिछले दो महीनों से राजपूत कॉलोनी में एक निजी हॉस्टल के कमरा नंबर नौ में रह रहा था। उसके साथ एक अन्य छात्र कार्तिक भी रहता था, जो परिवार में शादी होने की वजह से पिछले कुछ दिनों से घर गया हुआ था।
शुक्रवार की रात तकरीबन आठ बजे अंकित की फोन पर अपने भाई आकाश से बात हुई थी। उसने किसी तरह की परेशानी नहीं बताई थी। परिजनों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच सामान्य रूप से बातचीत हुई थी। बताया जा रहा है कि भाई आकाश ने शनिवार की रात को भी अंकित को फोन लगाया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ।
रविवार की सुबह फिर से फोन लगाया, लेकिन उठा नहीं। जब दोपहर में भी कॉल रिसीव नहीं हुई तो भाई ने पड़ोस की कॉलोनी में रहने वाले ममेरे भाई नीलेश को फोन किया। नीलेश अंकित के कमरे पर गया। उसने दरवाजा खटखटाया पर खुला नहीं। इस पर खिड़की से झांककर देखा तो अंकित का शव पंखे के सहारे लटका हुआ था। सूचना पर शाम को परिजन भी यहां पहुंच गए।
बड़े भाई आकाश और पिता ध्रुवराम ने बताया कि आत्महत्या के कारण से वे अंजान हैं। अंकित को किसी तरह की परेशानी नहीं थी। शुक्रवार को जब बात हुई थी तो वह खुश था। बता दें कि अंकित एक बहन और दो भाइयों में सबसे छोटा था। उससे बड़ी बहन आकांक्षा और बड़ा भाई आकाश है। पिता खेतीबाड़ी करते हैं।
मामले को लेकर नवाबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडेय ने बताया कि मृतक के पास से सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजन भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। परिजन पोस्टमार्टम के लिए भी राजी नहीं थे, समझाने पर वह माने। उसके एक दिन पहले आत्महत्या करने की संभावना है। पुलिस पड़ताल कर रही है। मृतक की कॉल डिटेल चेक की जाएगी।
