संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले से मजदूरों का पलायन रोकने और उनको ज्यादा से ज्यादा काम देने के लिए मनरेगा अफसरों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1.82 लाख मजदूरों को काम दिया जाएगा। इस पर 1.81 अरब खर्च होंगे। साथ ही 47.35 लाख मानव दिवस सृजित होंगे। अफसर अब इस प्रस्ताव को जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत से स्वीकृत कराएंगे। इसके बाद प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए शासन स्तर पर भेजा जाएगा।
मनरेगा के तहत गांव में ही लोगों को काम देकर मजदूरी दी जाती है। जिले के छह ब्लॉकों में 415 ग्राम पंचायतों में 182341 मनरेगा के जाॅब कार्डधारक हैं। इसमें 145716 सक्रिय जॉब कार्डधारक हैं। जॉब कार्डधारकों को 230 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जॉबकार्ड धारकों को गांव में रोजगार देने के लिए मनरेगा विभाग ने काम शुरू कर दिया है। विभाग ने इस बार करीब 1.81 अरब रुपये का श्रम बजट तैयार किया है। साथ ही 47.35 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य है। सभी ब्लॉक को मानव दिवस का लक्ष्य अलग-अलग निर्धारित किया गया है। इसे जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत से स्वीकृत कराया जाएगा। यहां से स्वीकृति के बाद शासन को भेज दिया जाएगा।
नाली और सड़क निर्माण को दी जा रही प्रमुखता
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए तैयार किए गए श्रम बजट में ग्राम पंचायतों की सड़कों व नालियों के काम प्रमुखता से होंगे। गांव में स्वच्छता बनी रहे, इसके लिए नाली का निर्माण कराया जाएगा।
श्रम बजट में ब्लॉकवार मानव दिवस सृजन
ब्लॉक का नाम – मानव दिवस
बार – 769000
जखौरा – 864000
बिरधा – 880000
तालबेहट – 745000
मड़ावरा – 739000
महरौनी – 736000
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1.81 अरब के श्रम बजट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। 47.35 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बजट में बुनियादी काम प्रमुखता से कराए जाएंगे। प्रस्ताव को जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत से स्वीकृत कराने के बाद शासन को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा
