संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नागरिकों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए 1500 केएलडी का सीडब्ल्यूआर (स्वच्छ जलाशय) बनाया जाएगा। इसके लिए जल निगम ने मिट्टी का परीक्षण शुरू कर दिया है। सैंपल लखनऊ लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद डिजायन बनाकर निर्माण प्रारंभ किया जाएगा।
कच्चे पानी के फिल्टर होने के बाद शुद्ध पानी को एकत्रित करने के लिए यहां कई वर्षों पहले तीन सीडब्ल्यूआर बनाए गए थे, जो 13, 10 और आठ केएलडी (किलोलीटर प्रति दिन) की क्षमता के थे। ये काफी पहले ही जर्जर हो गए थे, इनमें से केवल एक ही जलाशय का इस्तेमाल किया जा रहा है। जल निगम ने इनके मरम्मतीकरण का प्रस्ताव भेजा था। शासन ने अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत वंचित क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के कार्य के साथ एक नए सीडब्ल्यूआर बनाने की स्वीकृति दे दी। अब जल निगम ने डोंडाघाट स्थित जल संस्थान परिसर में 1500 केएलडी के जलाशय का निर्माण कराने की तैयारी शुरू की है। अभी मिट्टी के परीक्षण का कार्य चल रहा है।
अब नहीं होगी पेयजल आपूर्ति बाधित
अब तक पुराने क्षतिग्रस्त सीडब्ल्यूआर से पेयजल की आपूर्ति हो रही थी। इसकी मरम्मत होने पर आपूर्ति बाधित हो रही थी, लेकिन अब नया बनने से आपूर्ति नियमित होती रहेगी और पानी भी शुद्ध होगा।
डोंडाघाट में नए सीडब्ल्यूआर बनाने के लिए मिट्टी का परीक्षण किया जा रहा है। लैब से रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्य शुरू किया जाएगा।
– मानसिंह पाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम, शहरी इकाई
