
सांकेतिक तस्वीर
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ट्रेन में सफर कर रहे यात्री की तबीयत बिगड़ गई। जीआरपी ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने चिकित्सक व जीआरपी के खिलाफ लापरवाही करने का आरोप लगाया है। बलिया जिले के थाना उभांऊ के फरसाटार निवासी पुत्र बसंत गौतम ने बताया कि पिता जनार्दन गौतम (69) छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश से सेवानिवृत्त हो चुके थे।
मंगलवार को वह जबलपुर से चित्रकूट एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-7 में बैठकर लखनऊ जा रहे थे। सतना स्टेशन पर उनके सीने में दर्द उठा। पुत्र ने इलाज के लिए यात्रियों व रेलवे स्टेशन में कर्मचारियों से मदद मांगी, जीआरपी को फोन मिलाया। ट्रेन चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन पहुंची तो जीआरपी ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
पुत्र ने समय से इलाज न मिलने पर डॉक्टर व जीआरपी के खिलाफ लापरवाही करने का आरोप लगाया है। पुत्र ने बताया कि प्राइवेट एंबुलेंस से उन्हें 18 हजार रुपये देकर अपने गांव ले जाया गया। सरकारी एंबुलेंस तक नहीं मिली। इस संबंध में अपने गांव से वह मुख्यमंंत्री को पत्र लिखकर शिकायत करेंगे।
