
मृतक की फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट जिले में भरतकूप थाना क्षेत्र के भसौंधा गांव के बाहर किसान ने पेड़ में गमछे से फांसी लगा ली। जानकारी होने पर पहुंचे परिजनों ने उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि कर्ज होने व फसल का कम उत्पादन होने के चलते उसने यह कदम उठाया है।
भरतकूप थाना क्षेत्र के बलरामपुर भैसौंधा निवासी माता प्रसाद ने बताया कि उसका छोटा भाई राजकुमार राजपूत (49) मंगलवार सुबह खेत में फसल कटाई करने के लिए घर से निकला था। घर से लगभग 200 मीटर दूर बबूल के पेड़ में गमछे से फांसी लगा ली। थोड़ी देर बाद राजकुमार की पत्नी बुद्धी देवी फसल काटने के लिए उसी रास्ते से खेत जा रही थी तो पति को पेड़ पर लटकता देख चीख पड़ी।
उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने किसान को नीचे उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के पुत्र नंद किशोर ने आरोप लगाया कि पिता राजकुमार ने 26 फरवरी 2023 को ट्रैक्टर लिया था। जिसका एक कंपनी से फाइनेंस था। पांच लाख पांच हजार रुपये ट्रैक्टर का बकाया था। वसूली के लिए फाइनेंस कंपनी से कई बार फोन आता था और कुछ कर्मचारी गांव भी आकर दबाव बनाकर कर्ज जमा करने के लिए कहते थे।
बताया कि इसके अलावा चार बीघे की फसल में गेहूं बोया था। जिस पर चार क्विंटल ही गेहूं निकला था। इसे लेकर वह चिंता में थे कि कैसे कर्ज भरेंगे। मृतक के छह पुत्र व तीन पुत्रियां हैं। मृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। इस संबंध में तहसीलदार वाचस्पति सिंह ने बताया कि मामले की अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। लेखपाल को गांव भेजकर पूरी जानकारी एकत्र की जा रही है।
